दुष्कर्म और हत्या के प्रयास में दोषसिद्ध प्रधान को पद से हटाने की मांग

गुलशन दीक्षित मैनपुरी

मैनपुरी – बेवर ब्लॉक की ग्राम पंचायत भैंसरोली के प्रधान यशपाल सिंह उर्फ अजयपाल को दुष्कर्म और हत्या के प्रयास समेत गंभीर आपराधिक मामलों में दोषसिद्ध होने के आधार पर पद से हटाने की मांग की गई है। इस संबंध में ग्राम पंचायत के निवासी रामविलास ने खंड विकास अधिकारी बेवर को प्रार्थना पत्र देकर पंचायत राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की है।

प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि प्रधान यशपाल सिंह उर्फ अजायपाल को विशेष सत्र न्यायालय, मैनपुरी द्वारा विशेष सत्र परीक्षण संख्या 167/2008 में गंभीर धाराओं के तहत दोषी ठहराया जा चुका है। पत्र के अनुसार उन्हें आईपीसी की धारा 376, 307/149, एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) तथा आईपीसी की धारा 147, 148, 352, 354, 323, 504 और 506 के तहत दोषसिद्ध किया गया है। प्रार्थना पत्र में तीन वर्ष के कठोर कारावास और आर्थिक दंड की सजा का भी उल्लेख किया गया है।

शिकायतकर्ता ने उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की धारा 95(1)(g) का हवाला देते हुए कहा है कि गंभीर आपराधिक मामलों में दोषसिद्ध व्यक्ति के खिलाफ प्रधान पद से हटाने की कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने जांच पूरी होने तक प्रधान की वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज किए जाने की मांग की है।

प्रशासनिक पद पर रोक लगाने की मांग

प्रार्थना पत्र में पंचायती राज अधिनियम की धाराओं 11-F और 14-A का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि गंभीर आपराधिक मामले में दोषसिद्ध व्यक्ति को ग्राम पंचायत की किसी प्रशासनिक समिति या पद पर जिम्मेदारी नहीं दी जानी चाहिए। साथ ही आगामी व्यवस्था होने तक पंचायत के संचालन के लिए किसी अन्य सक्षम व्यक्ति को जिम्मेदारी दिए जाने की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता ने कहा कि दुष्कर्म और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में दोषसिद्ध व्यक्ति को ग्राम पंचायत के प्रधान जैसे संवैधानिक एवं प्रशासनिक पद पर बनाए रखना पंचायत राज व्यवस्था की मूल भावना, लोकनीति, महिला सुरक्षा और सामाजिक न्याय के विपरीत होगा।

प्रार्थना पत्र के साथ उच्च न्यायालय के क्रिमिनल अपील (जमानत) आदेश, विशेष सत्र न्यायालय के दोषसिद्धि एवं सजा संबंधी आदेश तथा उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की संबंधित धाराओं की प्रतियां संलग्न किए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता ने खंड विकास अधिकारी से मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

उक्त मामले में खंड विकास अधिकारी बेवर ऋषिपाल ने बताया कि प्राप्त शिकायती पत्र को संज्ञान में लेकर उच्चाधिकारी डीपीआरओ मैनपुरी को भेजा गया है।

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