एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक आधारित 5 दिवसीय प्रशिक्षण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में हुआ सम्पन्न 

अभिषेक चौहान ब्यूरो शाहजहांपुर

 

शाहजहांपुर। आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता तथा एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक आधारित 5 दिवसीय प्रशिक्षण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में शनिवार को सम्पन्न हुआ । एआरपी तथा केआरपी को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण संपन्न करने पर प्राचार्य सोनिया गुप्ता के द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया । इस अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए संस्थान के वरिष्ठ प्रवक्ता मनोज कुमार घोष ने कहा कि आधारभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान प्रशिक्षण को शीघ्र ही विकास क्षेत्र स्तर पर प्रारंभ कर दिया जाए। ताकि माह दिसंबर के आकलन से पहले शिक्षक अपनी रणनीतियों को परिमार्जित कर सकें। प्रशिक्षण प्रभारी बी. एल. मौर्य ने बाल वाटिका से लेकर कक्षा 5 तक के नवीन निपुण लक्ष्यों को अंगीकृत करने के निर्देश प्रदान किए ।

ध्यान रहे इस सत्र से परिषदीय विद्यालयों में कक्षा 4 में हिंदी, अंग्रेजी और गणित में एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तकों को विद्यालयों में भेजा गया है। इन पाठ्यपुस्तकों पर शिक्षकों की समझ बनाने के लिए एआरपी को प्रशिक्षित किया जा रहा है । एआरपी प्रत्येक ब्लॉक में प्राथमिक कक्षाओं में शिक्षण करने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को इस प्रकार प्रशिक्षित करना है कि वे विद्यालयों में आनंददायक, सृजनात्मक से पूर्ण और मौलिक सोच को बढ़ावा देने वाला शिक्षण कार्य करें ।

प्रशिक्षण के अंतिम दिन एसआरजी ममता शुक्ला ने कक्षा चार की अंग्रेजी भाषा की पाठ पुस्तक संतूर की विशेषताओं पर चर्चा की । प्रतिभागी शिक्षकों के द्वारा समूह के माध्यम से विभिन्न कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया । एसआरजी डॉक्टर अरुण कुमार गुप्ता ने समग्र प्रगति पत्र की विशेषताओं से अवगत कराया । तकनीकी सहयोग अश्वनी कुमार अवस्थी ने प्रदान किया ।

प्रथम चार दिन में एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तकों में विशेषताओं, शिक्षण संदर्शिका , क्रियाशील बाल वाटिका , अकादमिक वातावरण का सृजन तथा प्रश्न पूछने के कौशल पर चर्चा की गई । एसआरजी डॉ. अरुण कुमार गुप्ता , ममता शुक्ला अश्वनी कुमार अवस्थी तथा डायट प्रवक्ता बी. एल.मौर्य, सुभाष चंद्र सिंह, अमित वंशबार, वरिष्ठ प्रवक्ता मनोज कुमार बोस, विनोद कुमार ने सत्रों का संचालन किया । 31 जुलाई को कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर भी वरिष्ठ प्रवक्ता श्री मनोज कुमार बोस ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के समय हमें अच्छे साहित्य की ओर उन्मुख होने की आवश्यकता है । अच्छा साहित्य वह है जो समाज की वास्तविक स्थिति को परिलक्षित करें । एसआरजी अश्वनी कुमार अवस्थी ने कहा कि प्रेमचंद ने अंग्रेजों के शासन के विरुद्ध विचार व्यक्त करने के साथ तत्समय समाज में व्याप्त कुरीतियों पर प्रहार अपनी लेखनी के द्वारा प्रहार किया । एसआरजी डॉक्टर अरुण कुमार गुप्ता ने नवीन निपुण लक्ष्य तथा 10 बिंदु आधारित स्टैंडर्ड टीचिंग लर्निंग प्रैक्टिस के पोस्ट पर प्रतिभागियों की समझ विकसित की।

 

प्रशिक्षण में प्रसून दीक्षित शुभम तिवारी रजनीश बाजपेई , जितेंद्र गुप्ता, इमरान सईद, राजवीर चौधरी, धर्मेंद्र सिंह, सुशील रस्तोगी, राम मूर्ति, जितेंद्र शर्मा, दीपक कुमार, भोलेराम शर्मा, नवीन कुमार, अजय माथुर, महेश कुमार गौतम, सुरेंद्र कुमार, अनूप बरनवाल, मंजू देवी, संदीप मालिक, स्नेहलता, नरेंद्र देव, हरीशकांत भारद्वाज आदि एआरपी उपस्थित रहे ।

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