महिला सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी योजनाएं सामाजिक परिवर्तन का आधार: ममता राजपूत

मृदुल कुमार कुलश्रेष्ठ सिटी रिपोर्टर मैनपुरी

मैनपुरी 17 जून, केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कलेक्ट्री सभागार में प्रबुद्ध वर्ग एवं महिला संवाद कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष ममता राजपूत ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक प्रगति महिलाओं के शिक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त होने से ही संभव है। आज महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का मजबूत आधार बन चुका है। उन्होंने बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर प्रहार करते हुए अभिभावकों से अपील की कि वे विवाह पर अत्यधिक खर्च करने के बजाय बेटियों की शिक्षा और कौशल विकास पर निवेश करें।

जिलाध्यक्ष ने वर्ष 2014 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई ऐतिहासिक पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान से कन्या भ्रूण हत्या पर प्रभावी रोक लगी है, वहीं मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से गरीब परिवारों की बेटियों का विवाह सरकारी खर्च पर संपन्न हो रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को धुएं से मुक्ति देकर स्वस्थ जीवन प्रदान किया है और स्वच्छ भारत मिशन के इज्जत घर (शौचालय) ने महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा दी है। सुकन्या समृद्धि और जन-धन जैसी योजनाओं ने सीधे लाभार्थियों के खातों में राशि भेजकर पारदर्शिता सुनिश्चित की है।

कार्यक्रम के दौरान जिलाध्यक्ष ममता राजपूत, जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी और मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने संयुक्त रूप से अन्नप्राशन योजना के तहत 6 माह के बच्चों को ऊपरी आहार खिलाया और गोद भराई योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को पोषण किट वितरित की। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना व मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति प्रमाण पत्र सौंपे गए। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्वागत गीत और बाल विवाह पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित भारी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां और महिलाएं उपस्थित रहीं, जिसका संचालन बाल संरक्षण अधिकारी अल्का मिश्रा ने किया।

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