हिन्दी राष्ट्रभाषा और संस्कृत अंतरराष्ट्रीय भाषा घोषित हो – हिन्दू महासभा

ब्यूरो चीफ मनोज कुमार शर्मा मैनपुरी

नई दिल्ली।अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने हिंदी दिवस पर राष्ट्र को संदेश देते हुए कहा कि हिन्दी भारत की आत्मा है और हिन्दी के बिना भारत निष्प्राण है। उन्होंने भारत सरकार से संवैधानिक रूप से हिन्दी को राष्ट्र भाषा और संस्कृत को अंतरराष्ट्रीय भाषा घोषित करने की मांग की।

हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने आज जारी बयान में यह जानकारी देते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद हिन्दी को वो सम्मान नहीं मिला, जिसकी वो वास्तविक अधिकारिणी थी। अंग्रेजी थोपकर हिन्दी के विकास का मार्ग अवरूद्ध किया गया और हिन्दी उपेक्षित होकर रह गई।

हिन्दू महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर गीता रानी ने हिंदी दिवस पर ” सावरकर या मंत्र महान – हिन्दी, हिन्दू, हिंदुस्तान ” का नारा देते हुए कहा कि दक्षिण भारत में हिन्दी को उत्कर्ष पर पहुंचाना हिन्दू महासभा की प्राथमिकता है। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय मंत्री डॉक्टर प्रियंका उपाध्याय शुक्ला ने हिन्दी दिवस पर कहा कि हिन्दू सम्पूर्ण भारत वासियों को एकता के सूत्र में जोड़ने वाली भाषा है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य का विषय है कि डॉक्टर, इंजीनियर जैसे उच्च शिक्षा में हिंदी भाषा में पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं होने से अंग्रेजी भाषा में उच्च शिक्षा ग्रहण करने पर विवश होना पड़ता है। उच्च शिक्षा में अंग्रेजी भाषा की अनिवार्यता से अनेक प्रतिभाओं को पल्लवित होने से पहले ही दम तोड़ने पर विवश होना पड़ता है।

हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनोद कुमार त्रिपाठी ने हिन्दी दिवस पर अपने शुभकामना संदेश में कहा कि शिक्षा प्रणाली ढांचा को पूरे देश में हिन्दी भाषा आधारित और अंग्रेजी भाषा को वैकल्पिक भाषा आधारित बनाना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। राष्ट्रीय प्रचार मंत्री उपेन्द्र पाल सिंह और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी दुष्यंत पचौरी ने हिंदी दिवस पर हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार का संकल्प लिया।

हिन्दू महासभा उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार शर्मा ने कहा हिन्दी केवल एक भाषा मात्र ही नहीं है, वरन भारत वासियों के दिलों को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। हिन्दी भाषा वैश्विक भाषा के रूप में प्रख्यात होने के बाद भी भारत के ही अनेक हिस्सों में अपना वजूद तलाश रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है और इसके लिए शासन की अंग्रेजी परस्त मानसिकता दोषी है। प्रदेश उपाध्यक्ष संजय भैया ने भी हिंदी दिवस पर देशवासियों को बधाई दी।

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