पंचायत राज विभाग के बड़े बाबू राजकुमार हुए स्वेच्छिक सेवानिवृत्त,विभाग ने दी शानदार विदाई

स्वतंत्र प्रबोध/ब्यूरो चीफ मनोज कुमार शर्मा

मैनपुरी,1 फरवरी।

मैनपुरी के जिला पंचायत राज विभाग में कार्यरत बड़े बाबू राजकुमार ने 34 साल विभाग को योगदान देकर स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। पंचायत राज विभाग ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें एक कार्यक्रम में शानदार विदाई दी।

इस अवसर पर जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ अवधेश सिंह ने कहा कि बहुत खुशी की बात है कि हम सभी को उनके सेवानिवृत्त के बाद उनका सम्मान करने का अवसर प्रदान हुआ है। बड़े बाबू राजकुमार के साथ उन्हें कार्य करने का अवसर मिला। बड़े बाबू को विभाग के कार्यों की बारीकी से जानकारी थी,और हर पटल का कार्य उनके सहयोग से आसानी से हो जाता था।ईश्वर की कृपा से वह स्वस्थ हैं,इनके उज्ज्वल भविष्य और दीर्घायु होने की कामना है। कोर्ट केसों में उनकी जानकारी से विभाग को बहुत सहायता मिलती थी,और कठिन कार्य भी आसानी से हो जाते थे।

इस अवसर पर प्रयागराज से आये लेखा विभाग के राज्यस्तरीय अधिकारी पंकज सक्सेना ने कहा कि राजकुमार बाबू और उन्होंने विभाग में एक ही दिन योगदान किया था। बड़े भाई की तरह उन्होंने मेरा मार्गदर्शन किया और उनके मार्गदर्शन से ही आज वह इस पद पर पँहुचे हैं। उनका रिटायरमेंट अक्टूबर 2026 में था,पर उन्होंने 9 महीने पूर्व ही सेवानिवृत्त होने का निर्णय लिया। उनके साथ बिताए पल हमेशा याद रहेंगे,वह जीवन की दूसरी पारी भी उसी तरह खेलें जैसी की उन्होंने पंचायत राज विभाग में खेली। हम सभी उनके सुखद भविष्य की कामना करते हैं।

इस अवसर पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत जयकुमार सक्सेना ने अनुभवों को साझा करते हुए राजकुमार बाबू ने अपना पूरा जीवन विभाग के लिए समर्पित कर दिया,उनके योगदान को विभाग सदैव याद रखेगा। किसी भी स्थिति में विचलित न होने का उनका विशेष गुण है। वह सेवानिवृत्त के बाद समाज के लिए कार्य करें और स्वस्थ रहें। जिला परियोजना समन्वयक नीरज कुमार शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि राजकुमार बाबू से ही उन्होंने विभाग के कार्यों को सीखा, वास्तविक अर्थों में बड़े बाबू जी गुरु की भूमिका निभाते रहे,उनका विशेष गुण यह रहा कि वह किसी भी परिस्थिति में हिम्मत नहीं हारते थे,कितना भी बड़ा काम आ जाता था,पर राजकुमार बाबू के रहते हम लोग वह काम आसानी से कर जाते थे,उनकी कमी हम लोगों को हमेशा खलेगी,वह पंचायत राज विभाग के भीष्म पितामह रहे और उनकी एक विशेषता यह भी रही कि वह हमेशा कुर्सी से बंधे रहे,विभाग के लोगों को भी कभी-कभी उनकी इस निष्ठा से नाराज़गी हो जाती थी,पर उनका कहना था कि उनकी निष्ठा कुर्सी के प्रति है।डीसी राजकुमार, फ़राज अहमद ,कार्यक्रम संयोजक शैलेन्द्र शर्मा, लेखाकार सर्वेश दुबे ,अमित कुलश्रेष्ठ ने भी राजकुमार बाबू को इस अवसर पर विभाग की रीढ़ बताते हुए उन्हें पिछले 34 साल से विभाग मजबूत स्तम्भ बताया। उनके साथी सुनील सक्सेना ने एक गीत प्रस्तुत कर पेंशन को अंतिम समय तक का साथी बताते हुए,पेंशन की महिमा बताई।

इस अवसर पर विभाग के लोगों ने राजकुमार बाबू को उपहार दिए व माल्यार्पण और शाल उढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पँचायत राज विभाग के कन्हई लाल,नरवेश, विपिन,जावेद,शंकर लाल,राघवेंद्र,मनीष,,जगवेश, अजीत,पंकज यादव ,सइला बेगम,सरला, गोपी चन्द्रआदि उपस्थित रहे। शंकर लाल और सर्वेश दुबे द्वारा गीतों के माध्यम से अपनी भावनाओं का प्रदर्शित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में राजकुमार बाबू ने विभाग के लोगों,प्रयागराज से आये लेखाविभाग के अधिकारी पंकज सक्सेना,परिजनों और रिश्तेदारों का इस अवसर दिए गए स्नेह पर आभार व्यक्त किया और कहा कि पंचायत राज विभाग उनके रोये रोये में बसा है और वह हमेशा विभाग के प्रति ऋणी रहेंगे।

विदाई समारोह का संचालन डीपीसी नीरज शर्मा ने किया।

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