हरदोई की सड़कों पर उतरे हजारों शिक्षक; TET की अनिवार्यता के विरोध में पैदल मार्च और प्रदर्शन

विशाल गुप्ता प्रधान संपादक

अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले आज हरदोई में शिक्षकों का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय सचिव (अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ) आलोक मिश्र तथा विभिन्न सहयोगी संगठनों के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा थोपी गई ‘टीईटी (TET) अनिवार्यता’ के विरुद्ध एक विशाल पैदल मार्च का आयोजन किया गया।

गांधी भवन में हुंकार: “काले कानून को बर्दाश्त नहीं करेंगे”

गांधी भवन में एकत्रित हजारों शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता आलोक मिश्र ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा:

“केंद्र द्वारा पुराने शिक्षकों पर जबरन थोपी गई टेट की अनिवार्यता का पुरजोर विरोध किया जाएगा। आज हमने हरदोई की सड़कें जाम की हैं, और यदि सरकार ने इस नियम में समुचित संशोधन नहीं किया, तो हम संसद का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। आज टेट लगाया गया है, कल संभव है कि हर वर्ष शिक्षकों की स्क्रीनिंग कराई जाने लगे। हमें इस काले कानून को आज ही समाप्त कराना होगा।”

सहयोगी संगठनों का मिला समर्थन

अटेवा (ATEWA) के जैनुल खान ने संबोधित करते हुए कहा कि आरटीई (RTE) एक्ट लागू होने से पूर्व के शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता थोपना पूरी तरह से तर्कहीन और गलत है। वहीं टीएससीटी (TSCT) के शरीफुद्दीन, सुनील कुमार यादव, अरूणेंश प्रताप सिंह, दीपांकर गौतम और सुधीर गंगवार ने भी अपने संबोधन में सरकार की नीतियों की आलोचना की और एकजुटता का आह्वान किया।गाँधी भवन मे हरदोई सांसद जयप्रकाश रावत व मिश्रिख सांसद अशोक रावत को ज्ञापन दिया।

पैदल मार्च के समापन पर, प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने माननीय प्रधानमंत्री एवं शिक्षा मंत्री, भारत सरकार को संबोधित एक मांग पत्र नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार त्रिवेदी को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने टेट की अनिवार्यता को तत्काल वापस लेने और सेवा संबंधी नियमों में सुधार की मांग की।

प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति इस ऐतिहासिक पैदल मार्च में जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश दीक्षित, जिला मंत्री एम.पी. सिंह, जिला उपाध्यक्ष अनुराग पांडे, अनूप दीक्षित, बीना वर्मा, जिला कोषाध्यक्ष प्रभा शंकर, जिला संयुक्त मंत्री, आशीष दीक्षित, प्रांतीय संगठन मंत्री अजय सिंह, नरेन्द्र शर्मा, अभिषेक गुप्ता,मनीष राठौर, रविन्द्र यादव, पुष्पेन्द्र शुक्ला, सिद्धार्थ पाण्डे, विनोद कुमार, विकाश शर्मा, श्रुति यादव,, अनवारूल हक, बृजमोहन सिंह, आशीष तिवारी, दुर्विजय सिंह, अखिलेंद्र सिंह, कमलेश कुमार, संतोष कुमार, आशुतोष मिश्रा, अर्चना पाण्डेय,नीलम सिंह, सुभाष कनौजिया,मेनका राठौर, प्रशांत सिंह, सौरभ तिवारी, प्रियंका गौतम, प्रतिभा मिश्रा,सुरभिलता, नरसी कुई, रेनु वर्मा, साधना, हुमा कौसर,इंदु सिंह, शशि देवी, अनुराधा रावत, सीमा सिंह गौड़,रश्मि रस्तोगी , अरुण शर्मा, अवधेश यादव, सुनीत तिवारी एवं कुलदीप द्विवेदी सहित हजारों की संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं सम्मिलित रहे।

 

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