पेंशन से पूर्व सैनिक सत्यपाल शर्मा ने 42 जरूरतमंद बालिकाओं को भेंट की साइकिलें,पेश की मिसाल

अभिषेक चौहान ब्यूरो शाहजहांपुर

 

जरूरतमंदों की सेवा कर समाजसेवा को बनाया अपने जीवन का उद्देश्यपूर्व सैनिक सतपाल शर्मा बोले कि गरीबी किसी बच्चे की शिक्षा में बाधा नहीं चाहिए बननी शाहजहांपुर। देश की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए पूर्व सैनिक सतपाल शर्मा ने समाजसेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया है। अपनी पेंशन की राशि से वे लगातार गरीब, अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहयोग कर रहे हैं। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए 12 अगस्त 2026 को उन्होंने निगोही के गांव पिपरिया खुशहाली में ग्रामीण क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों की 42 गरीब एवं जरूरतमंद छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें दान कर सच्ची समाजसेवा की मिसाल पेश की है।

साइकिल वितरण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राएं, अभिभावक, शिक्षक एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। साइकिल पाकर छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। इन छात्राओं में ऐसी बालिकाएं शामिल हैं जो आर्थिक रूप से बेहद कमजोर परिवारों से आती हैं तथा जिनमें से कई के माता या पिता नहीं हैं। दूर-दराज से विद्यालय आने वाली इन छात्राओं के लिए साइकिल न केवल आवागमन का साधन है, बल्कि उनकी शिक्षा को निरंतर जारी रखने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

पूर्व सैनिक सतपाल शर्मा का कहना है कि गरीबी किसी बच्चे की शिक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए। यदि किसी जरूरतमंद बालिका को साइकिल उपलब्ध कराने से उसका विद्यालय जाना आसान होता है और वह अपनी पढ़ाई जारी रख पाती है, तो इससे बड़ी समाजसेवा और क्या हो सकती है। उनका प्रयास है कि बेटियां पढ़ें, आत्मनिर्भर बनें और अपने जीवन में आगे बढ़ें।

वर्षों से जारी है सेवा का यह सिलसिला पूर्व सैनिक सतपाल शर्मा द्वारा उपलब्ध कराई गई दान सूची के अनुसार वे वर्ष 2009 से निरंतर समाजसेवा और जरूरतमंदों की सहायता करते आ रहे हैं। उन्होंने बाल कल्याण संस्थाओं तथा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में भी आर्थिक सहयोग दिया है। वर्ष 2023 से उन्होंने विशेष रूप से अनाथ एवं गरीब छात्र-छात्राओं को साइकिलें दान करने का सिलसिला शुरू किया, जो लगातार जारी है।

दान सूची के अनुसार 27 सितंबर 2023 को 7, 20 अक्टूबर 2023 को 11, 29 जनवरी 2024 को 12, 4 मार्च 2024 को 30, 8 अगस्त 2024 को 40, 20 दिसंबर 2024 को 31, 15 अगस्त 2025 को 14, 12 जनवरी 2026 को 25 तथा 12 अगस्त 2026 को 42 साइकिलें जरूरतमंद बच्चों को दान की गईं।

इस प्रकार साइकिल वितरण का यह अभियान सैकड़ों जरूरतमंद विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षा की राह आसान करने का माध्यम बन चुका है। उपलब्ध दान सूची में विभिन्न सामाजिक एवं मानवीय कार्यों के लिए कुल ₹15,74,226 दान किए जाने का उल्लेख है।

शिक्षा के लिए अनुकरणीय पहल

आज जब अनेक गरीब परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना चुनौती बना हुआ है, ऐसे समय में सतपाल शर्मा का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करता है। खास तौर पर ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बालिकाओं को साइकिल उपलब्ध कराना बालिका शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समान अवसर की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

पूर्व सैनिक का यह संदेश स्पष्ट है—देश की सेवा वर्दी में रहते हुए ही नहीं, बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज के जरूरतमंद लोगों के जीवन में बदलाव लाकर की जा सकती है। उनकी पहल से लाभान्वित छात्राओं के लिए ये साइकिलें केवल एक साधन नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने के पहिए हैं। कार्यक्रम में दीपेंद्र सिंह,प्रेमपाल गंगवार छविनाथ यादव अंबरीश शुक्ला तथा चयनित बालिकाओं के साथआए हुए समस्त शिक्षकों ने अपना सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर साइकिल प्राप्त करने वाली बालिकाओं के अभिभावक माता-पिता कथा उनके शिक्षक उपस्थित रहे।

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