परियल गांव पहुंचीं जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती, बोलीं-जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाकर जनहित में कार्य करे अधिकारी 

श्यामजी गुप्ता प्रदेश सवांददाता

 

लालाराम राजपूत और त्रिपुरेश मिश्रा की मित्रता एवं जनसेवा की साझेदारी पूर्व की भांति मजबूत

 

शाहाबाद हरदोई। परियल गांव में हुए चर्चित घटनाक्रम के बाद जिला पंचायत सदस्य लालाराम राजपूत एवं उनकी पत्नी ग्राम प्रधान शिवरानी देवी से मिलने जनप्रतिनिधियों का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार को राज्यमंत्री रजनी तिवारी और भाजपा जिलाध्यक्ष अजित सिंह बब्बन के दौरे के बाद गुरुवार को जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता पी.के. वर्मा व उनके साथी शाहाबाद ब्लॉक प्रमुख त्रिपुरेश मिश्रा, टोडरपुर ब्लॉक प्रमुख श्यामू त्रिवेदी समेत कई जनप्रतिनिधि परियल पहुंचे और परिवार का हालचाल जाना तथा लालाराम राजपूत एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। साथ ही ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और चिंताओं को गंभीरता से सुना। इस

दौरान सभी नेताओं ने भरोसा दिलाया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा तथा कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं होती, बल्कि जनता के सुख-दुख में सहभागी बनना भी उनका नैतिक दायित्व है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनके सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए वे सदैव उनके साथ खड़ी रहेंगी और जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर न्याय की जाएगी।

 

क्षेत्रीय राजनीति में त्रिपुरेश-लालाराम की जोड़ी “जय-वीरू की जोड़ी”

 

परियल प्रकरण के बाद राजनीतिक गलियारों में चल रही तमाम अटकलों के बीच इस मुलाकात ने कई चर्चाओं पर विराम लगा दिया। शाहाबाद क्षेत्र की राजनीति में जिला पंचायत सदस्य लालाराम राजपूत और ब्लॉक प्रमुख त्रिपुरेश मिश्रा की जोड़ी लंबे समय से विकास, संगठनात्मक मजबूती और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने के लिए जानी जाती रही है। क्षेत्रीय राजनीति में दोनों नेताओं को अक्सर “जय-वीरू की जोड़ी” के रूप में देखा जाता है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी दोनों नेताओं के बीच बना विश्वास और समन्वय उनकी मजबूत राजनीतिक साझेदारी का परिचायक है। दोनों क्षेत्रीय नेताओं ने काफ़ी देर तक आपस में बातचीत की,इस दौरान उनके बीच मधुर नजर आये।परियल पहुंचकर त्रिपुरेश मिश्रा द्वारा लालाराम राजपूत एवं उनके परिवार से मुलाकात करना और सार्वजनिक रूप से उनके साथ खड़े होने का संदेश देना राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गाँव पहुंचे नेताओं ने आश्वासन दिया कि गांव के किसी भी व्यक्ति को भय या असुरक्षा की भावना से ग्रसित होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय एवं संवाद के माध्यम से ही जनहित के कार्य प्रभावी ढंग से संपन्न हो सकते हैं।

परियल गांव में हुई घटना के बाद लगातार जनप्रतिनिधियों के पहुंचने से ग्रामीणों का मनोबल बढ़ा है। वहीं लालाराम राजपूत के समर्थन में विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों का आना-जाना भी जारी है। क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों की यह एकजुटता एक मजबूत राजनीतिक संदेश के रूप में देखी जा रही है, जिससे यह संकेत मिला है कि लालाराम राजपूत और त्रिपुरेश मिश्रा की राजनीतिक मित्रता एवं जनसेवा की साझेदारी पूर्व की भांति मजबूत है और भविष्य में भी कायम रहेगी।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

क्या शाहाबाद में महिला डिग्री कॉलेज की स्थापना की जरूरत है?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Back to top button
Close
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129