अमर गुमराह की महफिल में निखिल शाक्य ने जमाया रंग

मृदुल कुमार कुलश्रेष्ठ सिटी रिपोर्टर मैनपुरी

 

 

मैनपुरी। नगर के के यदुवंश नगर स्थित एकांत निवास के सामने विशाल कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ कवि बदन सिंह मस्ताना ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्वलित कर किया।

स्वागत कर्ता गोविंद अग्निहोत्री और मैनपुरी के मशहूर कवि ऋषभ वर्मा, वीर रस के सम्राट संदेश वियोम, चंद्र मोहन शर्मा, गीत के फनकार जसमीत मोहन, और कवि सुंदरम यादव

ने निखिल शाक्य का फूल-माला पहनाकर स्वागत सत्कार किया,तत्पश्चात कार्यक्रम में अमर गुमराह की महफ़िल में मैनपुरी के महबूब निखिल शाक्य की शायरी और गजलों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। “जैसे ही प्रस्तुति समाप्त हुई, पूरे सभागार में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।”

जनपद मैनपुरी की साहित्यिक और सांस्कृतिक दुनिया में इन दिनों एक नाम तेजी से चर्चा में है— निखिल शाक्य,निखिल शाक्य अपनी सादगी, बेहतरीन शायरी और दिल को छू लेने वाली कविताओं के कारण उन्हें “मैनपुरी के महबूब शायर” के रूप में जाना जाता है।

निखिल शाक्य की शायरी में समाज, प्रेम, संवेदनाओं और जीवन की सच्चाइयों का अनोखा मेल देखने को मिलता है। जब भी वह किसी मंच या कवि सम्मेलन में अपनी रचनाएँ सुनाते हैं, श्रोताओं की तालियों और वाह-वाह से पूरा माहौल गूंज उठता है। उनकी कविताएँ युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग के लोगों को प्रभावित करती है। साहित्य प्रेमियों का कहना है कि निखिल शाक्य की शायरी में सादगी के साथ गहरी सोच दिखाई देती है। यही कारण है कि वह कम समय में ही क्षेत्र के लोकप्रिय कवि और शायर बन गए हैं। कई कवि सम्मेलनों और साहित्यिक कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुति देकर उन्होंने मैनपुरी का नाम रोशन किया है। निखिल शाक्य मैनपुरी के पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने साहित्य आज तक पर जाकर अपनी काव्य पाठ का प्रदर्शन किया है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि निखिल शाक्य जैसे युवा साहित्यकार मैनपुरी की सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उनकी रचनाएँ न केवल मनोरंजन करती हैं बल्कि समाज को सोचने और समझने की नई दिशा भी देती हैं। आने वाले समय में भी लोगों को उम्मीद है कि “मैनपुरी के महबूब शायर” निखिल शाक्य अपनी शायरी और कविताओं के माध्यम से साहित्य की दुनिया में नई ऊँचाइयाँ हासिल करेंगे।

इस कार्यक्रम में आज के मशहूर कवि ऋषभ वर्मा, वीर रस के सम्राट संदेश वियोम, चंद्र मोहन शर्मा, गीत के फनकार जसमीत मोहन, और कवि सुंदरम यादव ने अपने हुनर का जलवा बिखेरा।

 

कार्यक्रम के संयोजक अमर गुमराह व कार्यक्रम की सहसंयोजिका ज्योति शाक्य जी और तमाम कवि प्रेमियों की उपस्थिति में समारोह का आयोजन हुआ।

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