विश्व शांति के लिए एक क्रांति बन चुका है हार्टफुलनेस मेडीटेशन: उमाशंकर बाजपेई

अभिषेक चौहान ब्यूरो शाहजहांपुर

रामचंद्र मिशन आश्रम में बसंत उत्सव के चौथे चरण का समापन,
ध्यान और शांति पर हुआ संवाद
शाहजहांपुर। श्री रामचंद्र मिशन आश्रम में चल रहे बसंत उत्सव के चौथे चरण का आज समापन हो गया। समापन अवसर पर मिशन के सचिव उमाशंकर बाजपेई, उत्तर प्रदेश प्रभारी अनुपम अग्रवाल, प्रशिक्षक माधो गोपाल अग्रवाल तथा मिशन की वर्किंग कमेटी के सदस्य संजय सहगल मीडिया से रूबरू हुए।
आश्रम के मेडीटेशन हाल में आयोजित प्रेस से मिलिए कार्यक्रम सचिव उमाशंकर बाजपेई ने अब तक संपन्न हुए चारों चरणों के अनुभव साझा करते हुए कहा कि 12 फरवरी से शुरू हुआ यह आध्यात्मिक महाकुंभ 2 मार्च तक चलेगा अब तक चार चरणों में भारत के विभिन्न प्रांतों और विश्व के 74 देशों के लगभग 25 हजार अभ्यासी शामिल हुए हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने रामचंद्र मिशन की कार्यप्रणाली, पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सहज मार्ग और हार्टफुलनेस मेडीटेशन एक ही पद्धति है। श्री बाजपेई ने बताया कि शाहजहांपुर की छोटी सी गली से निकल कर सहज मार्ग विश्व के 160 देशो में पहुंच चुका है। शहीदों की धरा शाहजहांपुर से शुरू हुआ यह आध्यात्मिक आंदोलन विश्व शांति के लिए एक क्रांति बन चुका है। प्रशिक्षक माधो गोपाल अग्रवाल ने कहा कि
बाबूजी महाराज ने 1976 में शाहजहांपुर में मिशन के पहले आश्रम की स्थापना की थी इस वर्ष हम आश्रम की पचासवीं वर्षगांठ के अवसर पर पांच चरणों में बसंत उत्सव मना रहे हैं इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य साधकों को ध्यान, आत्मचिंतन और आंतरिक शांति के मार्ग पर प्रेरित करना है। चारों चरणों में देश-विदेश से बड़ी संख्या में अभ्यासी आश्रम पहुंचे और सामूहिक ध्यान सत्रों में सहभागिता की। उन्होंने कहा कि नियमित ध्यान अभ्यास से मानसिक तनाव कम होता है, एकाग्रता बढ़ती है और व्यक्ति के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में वर्किंग कमेटी के सदस्य एटलांटा यूएसए से आये संजय सहगल ने ध्यान और मन की शांति के वैज्ञानिक व व्यावहारिक पहलुओं को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि हृदय-केंद्रित ध्यान पद्धति से व्यक्ति के विचारों में संतुलन आता है और भावनात्मक स्थिरता विकसित होती है। उन्होंने कहा कि सहज मार्ग साधना पद्धति किसी भी धर्म या वर्ग विशेष तक सीमित नहीं, बल्कि मानव मात्र के कल्याण के लिए है।
उत्तर प्रदेश प्रभारी अनुपम अग्रवाल ने कहा कि मिशन का उद्देश्य केवल ध्यान सिखाना नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों को व्यवहार में उतारना है। सेवा, संयम और सद्भाव के माध्यम से समाज में सकारात्मक वातावरण बनाना भी मिशन की प्राथमिकता है।
मीडिया संवाद के दौरान पत्रकारों ने ध्यान से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए और कई ने मन की शांति व तनावमुक्त जीवन को लेकर जिज्ञासाएं प्रकट कीं। मिशन के पदाधिकारियों ने व्यावहारिक उदाहरणों के साथ बताया कि नियमित साधना से न केवल मानसिक बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। प्रेस से मिलिए कार्यक्रम का संचालन कान्हा से आये विक्रम ने किया।अंत में मीडिया प्रभारी सुयश सिन्हा ने सभी का आभार व्यक्त किया।इस दौरान मिशन के संयुक्त सचिव अर्जुन अग्रवाल, ए के गर्ग,राज गोपाल अग्रवाल लोकेश आदि मौजूद रहे।

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