मैनपुरी: जिलाधिकारी ने की वृक्षारोपण और पर्यावरण समितियों की समीक्षा, लापरवाह विभागों को अल्टीमेटम

मृदुल कुमार कुलश्रेष्ठ सिटी रिपोर्टर मैनपुरी

मैनपुरी 31 जनवरी, जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरणीय समिति, जिला गंगा समिति, जिला आर्द्रभूमि समिति एवं वन बंदोबस्त समिति तथा कृषि फ़सलो को वन रोज से रोकने हेतु गठित जिला स्तरीय समिति की ऑनलाइन समीक्षा के दौरान कहा कि वृहद वृक्षारोपण अभियान के दौरान रोपित पौधों की बेहतर देखभाल, सुरक्षा के प्रबंध किए जाएं, पौधों की पर्याप्त निराई, गुढ़़ाई कराई जाए, मृत-सूखे पौधों को उचित ऊॅचाई के स्वास्थ्य एवं सुदृण पौधों से बदला जाये, रोपित पौधों की जियो टैगिंग की समीक्षा में पाया गया कि अभी तक बेसिक शिक्षा, नगर विकास, ऊर्जा, सहकारिता, पंचायतीराज विभाग द्वारा शत-प्रतिशत पौधों की जियो टैगिंग नहीं की गई, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि रोपित किए गए शत-प्रतिशत पौधों की जियो टैगिंग तत्काल कर रिपोर्ट वन विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में रोपित पौधो के सापेक्ष जीवित की सूचना 03 दिन के अंदर वन विभाग को उपलब्ध कराएं, वर्ष 2025-26 को रोपित पौधो का सत्यापन कार्य न करने वाले विभाग नामित सेक्टर अधिकारी से सम्पर्क कर सत्यापन कार्य एक सप्ताह में करा कर सत्यापन सूचना वन विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

श्री सिंह ने कहा कि शासन स्तर से वर्ष 2026-27 हेतु वृक्षारोपण लक्ष्य प्राप्त हो गये हैं, वन विभाग द्वारा 10 लाख व अन्य विभागो द्वारा 24.07 लाख कुल 34.07 लाख पौधे रोपित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया हैं, संबंधित विभाग को निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष चयनित स्थलों की सूचना उपलब्ध कराने की अपेक्ष की गयी है, उन्होने समस्त अधिकारियों से कहा कि वर्ष 2026-27 हेतु वृक्षारोपण लक्ष्य के सापेक्ष स्थलों का चयन कर सूची वन विभाग को शीघ्र उपलब्ध कराए, वृक्षारोपण हेतु निर्धारित समय सारिणी के अनुसार वानिकी कार्यों को संपन्न कराया जाए, ठोस अपिशिष्ट, जैव चिकित्सा अपिशिष्ट तथा ई-वेस्ट अपिशिष्ट की समीक्षा के दौरान क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण द्वारा बताया कि जनपद में ई-वेस्ट अपिशिष्ट की सम्भावना बहुत कम है, मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि जैव चिकित्सा अपिशिष्ट का निस्तारण नियमानुसार किया जा रहा है, जिस पर उन्होने जैव चिकित्सा अपशिष्ट निस्तारण केन्द्र के निरीक्षण कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होने जिला पंचायत राज अधिकारी, अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय को निर्देशित करते हुये कहा कि एम.आर.एफ. सेंटर क्रियाशील रहें, सॉलिड वेस्ट के निस्तारण के साथ मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के उचित प्रबन्ध किये जायें, शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक कूड़ा उठान, निस्तारण के बेहतर प्रबन्ध किये जायें, जिन ग्रामों में ग्राम गंगा समितियों का गठन हो चुका है वहां प्रतिमाह बैठक आयोजित कराकर ग्रामीणों को जागरूक किया जाये।

जिलाधिकारी ने जिला पंचायतराज अधिकारी, समस्त क्षेत्रीय वन अधिकारियांे से कहा कि रोस्टर तैयार कर प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्रीन चौपाल का गठन कराकर प्रत्येक शुक्रवार को ग्रीन चौपाल की बैठक खंड विकास अधिकारियों के समन्वय से करना सुनिश्चित करें। उप क्षेत्रीय वनाधिकारी राजीव दीक्षित ने बताया कि जनपद में कुल 258 वैट लैंड का ग्राउंड ट्रथिंग व डिमारकेशन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, लेकिन सूचना निर्धारित प्रारूप में संबंधित क्षेत्रीय वन अधिकारी व उप जिलाधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से अपेक्षित है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियो को निर्देशित किया कि उक्त कार्य तीन दिन के अंदर पूर्ण कर सूचना डीएफओ के कार्यालय में उपलब्ध करायी जाए।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

क्या शाहाबाद में महिला डिग्री कॉलेज की स्थापना की जरूरत है?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Back to top button
Close
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129