रोजगार सेवक में मनरेगा में किया हजारों का घोटाला

आमिर अली संवाददाता घिरोर 

बिना कार्य किए निकाली धनराशि का किया गबन

 

 

ग्रामीण ने जिलाधिकारी से की शिकायत तो जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश

 

मैनपुरी – समूचे भारत में मनरेगा योजना भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है। जहां पर गरीब तबके के लोगों को इस योजना के तहत 100 दिन का रोजगार मिलता है। जिससे कि गरीबों के घर दो समय का चूल्हा जलकर उनका और उनके बच्चों का पेट पाल रहा है। लेकिन ग्राम पंचायत में तैनात रोजगार सेवक के द्वारा उन मनरेगा मजदूरों से बिना कार्य कराए हुए ही सरकारी धनराशि को उनके खाते में भेजी जा रही है। जिसके बाद रोजगार सेवक उन मनरेगा मजदूरों से उस धनराशि को निकलवाकर उसका गबन कर रहा है।

ऐसा ही मामला जनपद मैनपुरी के एक विकासखंड की ग्राम पंचायत से निकल कर सामने आया है। जहां के रोजगार सेवक के द्वारा मनरेगा योजना के तहत बिना कार्य कराए ही धनराशि को मनरेगा मजदूरों के खाते में डलवा दी। जिसके बाद इस धनराशि को उन मनरेगा मजदूरों से निकलवाकर उस धनराशि का स्वतः ही गबन कर लिया। जिसके शिकायत ग्रामीण के द्वारा जिलाधिकारी से की गई।

क्या है पूरा मामला

दरअसल यह पूरा मामला जनपद मैनपुरी के विकासखंड कुरावली की ग्राम पंचायत मिढ़ावली कलां का है। जहां के निवासी पंकज कुमार पुत्र अनोखेलाल ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए बताया कि उसके गांव में तैनात रोजगार सेवक प्रमोद कुमार पुत्र किशनपाल के द्वारा उसके पट्टे की भूमि का समतलीकरण और मेंढबंदी के नाम पर मस्टरोल संख्या 8598, 8599 और 8600 में 62790 रूपए की धनराशि को निकाल कर उसका गबन कर लिया है। जबकि उसके द्वारा अपनी पट्टे की भूमि का निजी खर्चे पर समतलीकरण और मेंढबंदी का कार्य कराया गया है। जिसके अलावा इसी तरीके से उसने राजवीर के खेत की मेंढबंदी व समतलीकरण, वीरसिंह के खेत की मेंढबंदी व समतलीकरण, श्यामसिंह के खेत की मेंढबंदी व समतलीकरण, कैलाश के खेत की मेंढबंदी व समतलीकरण के नाम से लाखों रुपए का गबन किया है।

 

 

 

धनराशि गबन के शिकायतकर्ता ने उपलब्ध कराए साक्ष्य

 

 

वहीं शिकायतकर्ता पंकज कुमार के द्वारा जब रोजगार सेवक के द्वारा सरकारी धनराशि को गबन करने की शिकायत की गई तो उसने जिलाधिकारी को धनराशि गबन करने के सभी साक्ष्य भी उपलब्ध कराए।

 

 

जिलाधिकारी ने मनरेगा उपायुक्त को दिए जांच के आदेश

जिसके बाद तत्काल जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने मनरेगा उपायुक्त प्रेमचंद्र राम को इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं उन्होंने मनरेगा उपायुक्त को निष्पक्ष जांच के साथ ही आख्या मांगी है।

 

 

मनरेगा उपायुक्त ने बनाई दो सदस्यीय जांच टीम

वहीं जब जिलाधिकारी ने मनरेगा उपायुक्त को जांच के आदेश दिए तो उन्होंने भी इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए दो सदस्यीय जांच टीम को गठित कर दिया। जिसमें अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी धर्मवीर सिंह, कुरावली खंड विकास अधिकारी शिवगोविंद सिंह को नामित किया है।

 

शिकायतकर्ता ने की निष्पक्ष जांच की मांग

वहीं दिए गए प्रार्थना पत्र के माध्यम से ही शिकायतकर्ता पंकज कुमार ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कराए जाने को मांग की है। जिससे कि रोजगार सेवक के द्वारा किए गए सरकारी धनराशि का गबन उजागर हो सके।

 

क्या बोले मनरेगा उपायुक्त

वहीं इस मामले में मनरेगा उपायुक्त प्रेमचंद्र राम ने बताया कि जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से एक शिकायती पत्र प्राप्त हुआ है जिसमें विकासखंड कुरावली की एक ग्राम पंचायत में रोजगार सेवक के द्वारा बिना विकास कार्य कराए, धनराशि को निकालने की शिकायत की गई है। जिसके लिए दो सदस्यीय टीम गठित कर दी है। जांच टीम के द्वारा जो भी जांच रिपोर्ट दी जाएगी। उसके आधार पर कार्यवाही की जायेगी।

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