दिव्यांगों की विभिन्न मांगों को लेकर आदर्श दिव्यांग कल्याण संस्थान ने कलेक्ट्रेट में दिया ज्ञापन

अभिषेक चौहान ब्यूरो शाहजहांपुर

 

15 सूत्रीय मांगों को लेकर दी प्रदर्शन की चेतावनी

 

शाहजहांपुर। सोमवार को आदर्श दिव्यांग कल्याण संस्थान के प्रदेश सचिव नीरज बाजपेई के नेतृत्व में सैकड़ो दिव्यांग जनों ने कचहरी पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नायव तहसीलदार को सौंपा इस अवसर पर प्रदेश सचिव नीरज बाजपेई ने बताया जिले के दिव्यांगजन आज भी विषम परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। उनकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही। जहां भी जाते हैं, तिरस्कार ही मिलता है।

 

दिव्यांगजनों का कहना है कि उनकी आय का एकमात्र स्रोत दिव्यांग पेंशन है। उसी से अधिकांश दिव्यांग अपना और परिवार का गुजारा कर रहे हैं।

 

दिव्यांगजनों ने मांग उठाई कि यदि सरकार नाम के साथ-साथ उनके हाथ भी मजबूत करती, उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर देती, तो वे परिवार सहित सम्मान से जीवन-यापन कर पाते। फिलहाल पेंशन की सीमित राशि में घर चलाना मुश्किल हो रहा है।

 

इस उद्देश्य से समिति के प्रदेश सचिव नीरज बाजपेई ने अपनी प्रमुख माग में नायब तहसीलदार को बताया कि यदि जिला प्रशासन दिव्यांग जनों के सहायतार्थ दस बीघा ग्राम समाज की भूमि समिति में उपलब्ध करवा दी जाए जो हमारी समिति अपने स्तर से दिव्यांग आश्रय स्थल एवं कुटीर उद्योग की स्थापना कराकर दिव्यांग जनों को रोजगार परक बनाकर उनके हाथ मजबूत करने में अहम भूमिका अदा करेगा

 

आज के कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सैकड़ों दिव्यांगजन मौजूद रहे महेश सिह सावित्री वेदराम प्रजापति श्रीकान्त प्रजापति राम सागर प्रजापति ज्योति प्रजापति जरीना पूष्पा दारा सिंह राम कुमार शेरवहादुर सिहं तौलेराम अमरेश कुमार शिवानी प्रेमपाल कृष्ण मुरारी

भगवन दास आशाराम रनवीर भारत प्रेमपाल छोटे लाल संत राम मुन्नी देवी घोरे लाल विकाश कल्लू नेकशहाय रामसहाय सोनपाल

कमल किशोर अमर सिहं मथुरा प्रसाद रामचन्द्र रतनपाल मोहन लाल बाबूराम अहिवरन लाल नन्हे लाल राजेश रामगोपाल धीरज कुमार राजीव कुमार वेदराम ओमप्रकाश सुखवीर नाम अमित कुमार यशोदा देवी सतीश सिह नन्हे अनील नरेशपाल सिंह

 

दिव्यांग जनों की समस्यायें निम्न प्रकार से है।

 

1. दिव्यांग जनों को मिलने वाली पेशन 1000 रूपये प्रति माह से बढाकर 5000 रूपये प्रति माह की जायें। क्योंकि महंगाई के दौर में 1000 प्रति माह की पेंशन मे दिव्यांग जनों के परीवार का गुजारा नही हो पाता। इसलिए दिव्यांग पेशंन सम्मान जनक दी जाए।

2. दिव्यांग जनों को सरकार जब 12000 हजार सालाना पेंशन दे रही है। ऐसे में दिव्यांग जन गरीबी रेखा से भी नीचे आ गये, तब ऐसी स्थिति में दिव्यांग जनों को चिन्हित कराकर अन्तोदय कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड पेंशन पात्र सभी दिव्यांग जनों को दिलवायें जायें।

3. जिन दिव्यांग जनों के पास आवास/शौचालय नही है। उनको आबास एवं शौचालय क्यों नही दिये जा रहे है। दिव्यांग जनों को आवास एवं शौचालय दिलाए जाये।

4. दिव्यांग जनों को कृषि पट्टे दिलवाकर ग्रामीण स्तर पर पुनर्वासित किया जाये।

5. उत्तर प्रदेश राज्य सडक परिवहन निगम की बसों में सम्मान सहित यात्रा सुनिश्चित करायी जाये। क्योंकि आये दिन बसों पर तैनात ड्राईवर एवं कन्डेक्ट्रर दिव्यांग जनों को देखकर बस को आगे बढा देते है। ऐसे में दिव्यांग जन बसों में चढ नही पाते है। और चोटिल हो जाते है। इसकी शिकायत कई बार की जा चुकी है। लेकिन कोई ठोस कार्यवाही अभी तक नही हुयी है।

6. जिला दिव्यांग जनसक्तिकरण विभाग द्वारा दिव्यांग जन को पुनर्वासित करने के लिए ऋण की सीमा 10,000 से बढाकर 50,000 की जाये।

7. दिव्यांग जन के सांस्कृतिक/ सामाजिक उत्थान के लिए राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जाये।

8. दिव्यांग जनों को सरकारी परिसरों में गुमटी एवं दुकान तथा कैन्टीन साईकिल मोटर साईकिल स्टैण्ड का ठेका दिलाया जाये।

9. दिव्यांग जनों के आश्रय स्थल एवं कुटीर उद्योग हेतु जनपद शाहजहाॅपुर के किसी विकास खण्ड के अन्र्तगत ग्राम पंचायत में ग्राम समाज की लगभग 10 वीघा भूमि दिलवायी जाये। जिससे दिव्यांग जनो के हित में आश्रय स्थल एवं कुटीर उद्योग बन सके।

10. वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24, 2024-25 में जनपद शाहजहाॅपुर के प्रत्येक विकास खण्ड के प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं नगरीय सीमा के अन्र्तगत आने वाले दिव्यांग जनों को तीन वर्षो में कितने आवास एवं शौचालय दिये गये उनकी सूची उपलब्ध करायी जाये।

11. दिव्यांग जनों का वर्ष 31 मार्च 2026 तक विजली विल माॅफ किया जाए।

12. वर्तमान में ग्रामीण जन एवं दिव्यांग जन छुटट्ा/आवारा पशुओं से काफी परेशान है। इस समस्या का त्वरत गति से निदान कराया जाए।

13. रेलवे कन्सेसन प्रमाण्-पत्र दिव्यांग जनों के पूर्व की भाॅति जनपद स्तर से बनबायें जाये अथवा कैम्प कराकर बनबायें जायें। इस समय रेलवे कन्सेसन प्रमाण-पत्र मुरादाबाद से बनना शुरू हो गये है।

14. दिव्यांग बोर्ड का गठन राज्य स्तर पर कराया जायें।

15. यह कि पूर्ण शरीरसे अपंग दिव्यांग जन या ऐसे दिव्यंाग जन जो दोनो पैरो या दोनों हाथों से या कमर के नीचे बिल्कुल चल नही सकते उनके साथ भेदभाव न होकर उनका दिव्यांग प्रमाण पत्र दिव्यांग बोर्ड से 80 प्रतिशत से ऊपर बनाया जाये।

यदि हमारी माॅगों पर अतिशीध्र समाधान नही कराया गया तो हम सभी दिव्यांग जन आन्दोलन/भूख हडताल करने पर वाध्य होगें जिसकी जिम्मेदारी शासन/प्रशासन/सरकार की होगी।

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