गर्भवती महिलाओं के लिए अब 6 प्रसव पूर्व जांचें अनिवार्य, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

मृदुल कुमार कुलश्रेष्ठ सिटी रिपोर्टर मैनपुरी

मैनपुरी 11 मई, प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने प्रसव पूर्व जांच के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मैनपुरी द्वारा जारी नवीनतम आदेश के अनुसार, अब सभी गर्भवती महिलाओं के लिए न्यूनतम 4 के स्थान पर कम से कम 6 प्रसव पूर्व जांचें कराना अनिवार्य कर दिया गया है। महानिदेशक, परिवार कल्याण के निर्देशों के अनुक्रम में जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि गर्भावस्था के प्रथम त्रैमास (12 सप्ताह के भीतर) में पंजीकरण के साथ ही पहली जांच सुनिश्चित की जाएगी। इसके पश्चात दूसरी जांच 16-20 सप्ताह, तीसरी 24-28 सप्ताह, चौथी 28-32 सप्ताह, पांचवीं 32-36 सप्ताह और छठी जांच 36-40 सप्ताह के मध्य की जाएगी। इसके अतिरिक्त, PMSMA दिवस पर भी कम से कम एक विजिट अनिवार्य है।

आदेश में सभी चिकित्सा अधीक्षकों और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को कड़ाई से निर्देशित किया गया है कि जिन गर्भवती महिलाओं की संभावित प्रसव तिथि 31 जुलाई, 2026 से पूर्व है, उनकी भी सभी 6 जांचें निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं। स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि अंकित की जाएगी।

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