धारूहेड़ा की 160 कनाल जमीन पर गरमाई सियासत, दान की विरासत पर उठे सवाल

राजेश भारद्वाज स्टेट हेड हरियाणा

 

रेवाड़ी। रेवाड़ी जिले के धारूहेड़ा में 160 कनाल बेशकीमती जमीन को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। अवैध कब्जों के आरोपों के बीच जेलदार परिवार खुलकर सामने आया और वरिष्ठ भाजपा नेता राव शिवदीप ने प्रेस वार्ता में पूरे मामले की परतें खोल दीं।

 

राव शिवदीप ने बताया कि वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के परिवारों के कल्याण के लिए उनके पूर्वजों ने अपनी 366 कनाल जमीन में से 160 कनाल भूमि दान कर दी थी। यह जमीन 23 अप्रैल 1963 को डीड के माध्यम से तत्कालीन पंजाब राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के नाम हस्तांतरित की गई थी। उस समय इसकी कीमत 20 हजार रुपये दर्ज थी। इंतकाल के बाद यह भूमि सरकारी रिकॉर्ड में चढ़ गई।

 

हरियाणा राज्य बनने के बाद यह जमीन प्रदेश सरकार के नाम हो गई। वर्ष 2005 में सेक्टर विकसित करने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने जमीन का एक हिस्सा अधिग्रहित किया, लेकिन मुआवजा राशि अब भी सरकार के पास लंबित बताई जा रही है।

 

राव शिवदीप ने सरकार से मांग की कि इस जमीन का उपयोग शहीदों के परिजनों और समाजहित के कार्यों में किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यहां सरकारी अस्पताल या कोई सार्वजनिक परियोजना बनाई जाती है, तो दान देने वाले पूर्वजों के नाम का सम्मान अवश्य जोड़ा जाए।

 

अब सवाल यह है कि क्या सरकार इस ऐतिहासिक दान की भावना को सम्मान देगी या जमीन का मामला यूं ही सियासत की भेंट चढ़ता रहेगा।

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