अपने गुरु जैसा बनना हो जीवन का मुख्य उद्देश्य:दाजी 

अभिषेक चौहान ब्यूरो शाहजहांपुर

रामचंद्र मिशन आश्रम में बसंत उत्स में

देश विदेश के हजारों अभ्यासियों ने किया गुरुसत्ता को प्रणाम

 

शाहजहांपुर। श्री राम चन्द्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडीटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ के सान्निध्य और मार्गदर्शन में राम चन्द्र मिशन आश्रम में आयोजित बसंत उत्सव–2026 के चौथे चरण का आज शुभारंभ हुआ।

प्रातःकाल उत्सव का शुभारंभ सामूहिक ध्यान साधना से हुआ। देश–विदेश से पधारे हजारों अभ्यासियों ने एकात्म भाव से ध्यान कर मानव कल्याण और विश्व शांति की मंगल कामना की। आश्रम परिसर शांति, श्रद्धा और साधना से आलोकित हो उठा, मानो प्रकृति स्वयं इस आध्यात्मिक अनुष्ठान की साक्षी बन गई हो।

इस अवसर पर पूज्य दाजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारे जीवन का मुख्य उद्देश्य अपने गुरु जैसा बनना होना चाहिए। ज्यादातर हम सांसारिक जीवन में फंसकर अपनी इच्छाओं के गुलाम बन जाते हैं।हर व्यक्ति को अपने जीवन में सबकुछ चाहिए।जिस कारण हम कुछ भी नहीं हासिल कर पाते और एक बंटा हुआ जीवन जीने को मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि अच्छा जीवन जिएं इसमें कोई बुराई नहीं लेकिन इसके लिए सनकी बनना गलत है। जीवन में हर बात पर संशय करना एक दूसरे से ईष्र्या करना ठीक नहीं।पति अगर किसी महिला से बात करले या पत्नी किसी पुरुष से मिले तो घर में कलह शुरु हो जाती है यहां तक की तलाक और हत्या तक हो जाती है जो समाज के लिए घातक है।दाजी ने कहा कि हम मंगल ग्रह शनि ग्रह से तो डरते हैं लेकिन अपने दिल में पूर्वाग्रह,हठग्रह पाले रहते हैं जो नुकसानदेह है। जीवन को प्रेम से जिएं तभी आपका जीवन सार्थक होगा।

सायंकालीन ध्यान सत्र में भी पूज्य दाजी ने साधकों को ध्यान कराया, जिससे वातावरण और अधिक आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठा। इस मौके पर दाजी के संदेशों की एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

आयोजन को सफल बनाने में कान्हा आश्रम प्रबंधक विनीत राणावत, माधो गोपाल अग्रवाल, ए.के. गर्ग, सुयश सिन्हा, ममता सिंह, राज गोपाल अग्रवाल, प्रमोद कुमार सिंह,दीपक कुमार,खुशी, नीलम सेठ, मनोहरी, जिज्ञासु, एस के शर्मा, कृष्णा भारद्वाज,कर्णिका सिंह आदि का विशेष सहयोग रहा।

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