शाहजहांपुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के सैकड़ों लाभार्थी चढ़े भ्र्ष्टाचार की भेंट

अभिषेक चौहान ब्यूरो शाहजहांपुर

 

आजाद अधिकार सेना के ने सीएम के नाम कलेक्ट्रेट में दिया ज्ञापन और आंदोलन की चेतावनी

 

शाहजहांपुर। आजाद अधिकार सेना के नेतृत्व में गरीब परिवारों ने आज कलेक्ट्रेट में का बड़ा आंदोलन किया है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह

योजना में अनियमितताओं पर गरीबो ने अपनी आवाज उठाई है। आजाद अधिकार सेना के बैनर तले आज कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर मांगपत्र दिया गया। जिसमें 15 दिन में समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है। शाहजहाँपुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में हुई गंभीर अनियमितताओं के विरोध में आज राजनीतिक

संगठन “आजाद अधिकार सेना” के नेतृत्व में सैकड़ों गरीब एवं जरूरतमंद परिवार एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने कलेक्ट्रेट पहुँचे ।

जहाँ योजना से वंचित परिवारों द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक विस्तृत सार्वजनिक ज्ञापन भेजा गया। जिसमें स्पष्ट किया गया है कि योजना के

अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन एवं भौतिक सत्यापन पूर्ण होने के बावजूद बड़ी संख्या में पात्र लाभार्थियों को विवाह कार्यक्रम में शामिल नहीं किया गया। परिवारों का आरोप है कि यह शासनादेश के “प्रथम आगत-प्रथम पावत” सिद्धांत का खुला उल्लंघन है। वर्ष 2025 के भी अनेक सत्यापित आवेदन आज तक लंबित पड़े हैं, जिससे गरीब परिवारों को आर्थिक, सामाजिक एवं मानसिक

संकट का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि शासन के प्रावधानों के अनुसार, यदि आवेदन निर्धारित लक्ष्य से अधिक हों, तो अतिरिक्त बजट एवं लक्ष्य आवंटित किया जा सकता है। वर्तमान में शाहजहाँपुर के सैकड़ों पात्र परिवार ₹60,000 की सहायता एवं वैवाहिक सामग्री के लिए प्रतीक्षा कर रहे हैं। मांगपत्र में मांग की गई है कि तत्काल अतिरिक्त लक्ष्य एवं बजट स्वीकृत किया जाए

15 कार्य दिवसों के भीतर पुनः सामूहिक विवाह कार्यक्रम कराया जाए। विधवा, दिव्यांग एवं अति गरीब परिवारों को प्राथमिकता दी जाए। सभी लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।

प्रभावित परिवारों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो यह आंदोलन और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप ले सकता है। इस मौके पर आरटीआई एक्टिविस्ट शैलेश कुमार ने कहा: “यह सिर्फ योजना का मुद्दा नहीं, बल्कि गरीब बेटियों के सम्मान और भविष्य का सवाल है। अगर प्रशासन ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में फैल सकता है।

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