शादी का कार्ड नहीं, साइबर ठगी का जाल! रेवाड़ी पुलिस ने डॉट एपीके फाइल वाले फेक इन्विटेशन पर जारी की एडवाइजरी

राजेश भारद्वाज स्टेट हेड हरियाणा

रेवाड़ी। शादियों के सीज़न की शुरुआत के साथ ही साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाया है। रेवाड़ी पुलिस ने डिजिटल वेडिंग इन्विटेशन के नाम पर भेजे जा रहे दुर्भावनापूर्ण डॉट एपीके फ़ाइलों से होने वाले साइबर फ्रॉड को लेकर एक एडवाइजरी जारी की है।

पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी श्री हेमेंद्र कुमार मीणा ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान या संदिग्ध स्रोत से प्राप्त होने वाले ऐसे इन्विटेशन लिंक को खोलने या संबंधित एप्लीकेशन को डाउनलोड करने से बचें, जो डॉट एपीके फॉर्मेट में हों।

साइबर ठग शादी के निमंत्रण (Wedding Invitation) का झांसा देकर एक मैसेज या ईमेल भेजते हैं। इस मैसेज में एक लिंक होता है, जो क्लिक करने पर यूज़र को एक डॉट एपीके फाइल (आमतौर पर एक वेडिंग कार्ड डिज़ाइन ऐप या व्यूअर) डाउनलोड करने को कहता है। यह फाइल वास्तव में एक दुर्भावनापूर्ण डॉट एपीके फ़ाइल होती है। जैसे ही कोई व्यक्ति इस पर क्लिक करता है, ठगों को उनके फ़ोन का एक्सेस मिल जाता है।

रेवाड़ी पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी और सुरक्षा टिप्स

रेवाड़ी पुलिस ने साइबर ठगी से बचने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

* डॉट एपीके (.apk) फ़ाइल से बचें: किसी भी अनजान नंबर या संदिग्ध दिखने वाले ईमेल से प्राप्त डॉट एपीके (.apk) फ़ाइल को कभी भी डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।

* पुष्टि करें: यदि आपको किसी रिश्तेदार या दोस्त के नाम से ऐसा डिजिटल इन्विटेशन प्राप्त होता है, तो फ़ाइल डाउनलोड करने से पहले उन्हें कॉल करके या किसी अन्य माध्यम से निमंत्रण की सत्यता की पुष्टि अवश्य करें।

* केवल ऑफिशियल स्टोर: ऐप्स हमेशा केवल Google Play Store (Android) या Apple App Store (iOS) जैसे आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें। थर्ड-पार्टी सोर्स से ऐप डाउनलोड करना खतरनाक हो सकता है। सुनिश्चित करें कि आपका फोन और आपके ऐप्स हमेशा नवीनतम संस्करण पर अपडेटेड है ताकि आपको नवीनतम सुरक्षा सुविधाएं मिल सकें।

* अनुमति (Permissions) पर ध्यान दें: कोई भी नया ऐप इंस्टॉल करते समय उसकी मांगी गई अनुमतियों (Permissions) की समीक्षा करें।

सावधान रहें

वाट्सऐप या फिर अन्य कोई मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए रिसीव होने वाले किसी भी एपीके फाइल, लिंक को ओपन न करें। अनजान नंबर से आने वाले मैसेज या कॉल्स पर ध्यान न दें। किसी भी थर्ड पार्टी ऐप्स को फोन में इंस्टॉल न करें।

फर्जी ऐप्स का ऐसे लगाएं पता

फर्जी ऐप्स का पता लगाने के लिए अपने Android स्मार्टफोन में गूगल प्ले स्टोर अकाउंट पर जाएं।

फिर प्रोफाइल पिक्चर पर टैप करके Play Protect वाले ऑप्शन पर टैप करें।

यहां पर आपको Harmful Apps को चेक करने का ऑप्शन मिलेगा।

इस पर टैप करें और फोन में मौजूद खतरनाक ऐप्स की जांच करें और उसे तुरंत अनइंस्टॉल करें।

यदि आप अनजाने में ऐसी किसी ठगी का शिकार हो जाते हैं या आपके खाते से अवैध लेन-देन होता है, तो तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें।

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