हर कौम अपने शहीदों के बलिदान को याद रखे: मेजर जनरल अरविन्द यादव

राजेश भारद्वाज स्टेट हेड हरियाणा

 

कुरुक्षेत्र। भारतीय सेना के अतिरिक्त तोपखाना महानिदेशक (एडीजी आर्टिलरी) मेजर जनरल अरविन्द यादव ने कहा कि हर समाज और कौम को अपने शहीदों के बलिदान को हमेशा याद रखना चाहिए। जो कौम अपने शहीदों को भूल जाती है, उसका अस्तित्व मिट जाता है।वे वीर शहीद दिवस पर राव तुलाराम की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद यादव धर्मशाला में आयोजित अहीर पराक्रम स्मृति स्थल के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

 

शहीद हैं राष्ट्र की धरोहर

 

जनरल यादव ने कहा कि सैनिक अपना जीवन देश की सेवा और सुरक्षा के लिए समर्पित करता है, इसलिए समाज का दायित्व है कि उनका और उनके परिजनों का सम्मान करे। उन्होंने कहा कि शहीद केवल किसी एक परिवार के नहीं बल्कि पूरे देश और समाज की धरोहर होते हैं।उन्होंने जोर देकर कहा कि शहीदों की शौर्य गाथाओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। साथ ही उन्होंने आग्रह किया कि स्कूल-कॉलेजों के पाठ्यक्रम में सैन्य विज्ञान और शहीदों की वीरता की कहानियों को शामिल किया जाना चाहिए ताकि युवा पीढ़ी प्रेरित हो सके।

 

रेजांगला का शौर्य गाथा

 

मेजर जनरल यादव ने रेजांगला युद्ध (1962) का उल्लेख करते हुए कहा कि उस लड़ाई में 13 कुमाऊं रेजिमेंट की चार्ली कंपनी के 114 वीर अहीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा में प्राण न्यौछावर कर दिए थे।

उन्होंने बताया कि इन वीरों ने बर्फीली ठंड और सीमित संसाधनों के बावजूद हजारों चीनी सैनिकों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था। इसी लड़ाई में मेजर शैतान सिंह को परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।

 

समारोह में युद्ध के जीवित योद्धाओं कैप्टन रामचन्द्र यादव और हवलदार निहाल सिंह को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

 

स्मृति स्थल का महत्व

 

यादव समाज सभा द्वारा निर्मित अहीर पराक्रम स्मृति स्थल में प्रथम विश्व युद्ध से लेकर 2025 तक शहीद हुए हरियाणा सहित देशभर के अहीर वीरों की गाथाओं और शौर्य पदक विजेताओं का पूरा विवरण दर्ज है।

 

रेजांगला शौर्य समिति के महासचिव नरेश चौहान राष्ट्रपूत ने युद्ध के इतिहास और समिति के कार्यों का विस्तार से उल्लेख किया। यादव समाज सभा के प्रधान डॉ. अतुल यादव ने घोषणा की कि हर वर्ष जिला सैनिक बोर्ड कुरुक्षेत्र के साथ मिलकर वीर शहीद दिवस मनाया जाएगा।

 

वीर नारियों और दिव्यांग सैनिकों का सम्मान

 

इस अवसर पर वीर नारियों—श्रीमती सतपाल कौर, सत्या देवी, मंजीत कौर, सिमरनजीत कौर, गुरजीत कौर, सुरक्षा देवी और मिसरो देवी—को सम्मानित किया गया।

कारगिल युद्ध में दोनों हाथ खो चुके सिपाही बलकार सिंह और दोनों पैर गंवा चुके नायब सुबेदार स्वर्ण सिंह को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।

 

समाज को दिया संदेश

 

समारोह में यादव समाज सभा कुरुक्षेत्र के संरक्षक राव राज सिंह सिरोहल ने कहा कि वीर शहीद दिवस केवल यादव समाज का नहीं बल्कि पूरे 36 बिरादरी का पर्व है। उन्होंने कहा कि आज जब समाज में कटुता बढ़ रही है, तब स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों की स्मृतियाँ ही हमें एकजुट कर सकती हैं।

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