जिला अस्पताल व लेडी लॉयल सहित 14 स्वास्थ्य इकाइयों को मिला एनक्वास 

बनवारी लाल प्रभारी उत्तर प्रदेश

– जिला अस्पताल के 10 व लेडी लॉयल (जिला महिला अस्पताल) के नौ विभागों को मिला एनक्वास प्रमाणीकरण

– भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा दिया जाता है नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशन (एनक्वास)

– जिले की स्वास्थ्य इकाइयों ने हासिल की नई ऊंचाई- सीएमओ

आगरा, 27 अगस्त 2025।

जनपद आगरा की 14 स्वास्थ्य इकाइयों ने नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशन (एनक्वास) हासिल किया है। जिला अस्पताल और लेडी लॉयल (जिला महिला अस्पताल) सहित जनपद की 14 स्वास्थ्य इकाइयों पर राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आमजन को स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेगीं।

 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में 14 स्वास्थ्य इकाइयों ने एनक्वास हासिल करके नई ऊंचाई हासिल की है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल के 10 व लेडी लॉयल (जिला महिला अस्पताल) के नौ विभागों को एनक्वास प्रमाणीकरण मिला है। इसके अतिरिक्त आयुष्मान आरोग्य मंदिर दिगनेर, महुआ खेड़ा, श्यामो, मंडी मिर्जा खां, करबना, सौरई, खांडा, उजरई कलां, जौपुरा, वारिगामा खुर्द, ऊंचा और पवसार को एनक्वास प्रमाणीकरण प्राप्त हुआ है। इसमें जिला अस्पताल ने सार्वाधिक 89.33 अंक प्राप्त किए हैं।

नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस प्रोग्राम के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि एनक्वास (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड) एक राष्ट्रीय स्तर की पहल है जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है। इसके तहत, स्वास्थ्य संस्थानों को विभिन्न मानकों पर खरा उतरना होता है, जैसे कि चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण और क्षमता, स्वास्थ्य संस्थानों की सुविधाएं और उपकरण से उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना आदि शामिल हैं।

 

उन्होंने बताया कि एनक्वास (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड) के तहत जिला स्तरीय अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को प्रति बेड 10000 रुपये का पुरस्कार तीन वर्षों तक मिलता है। पीएचसी को तीन लाख और अर्बन पीएचसी को दो लाख रुपये तीन वर्षों तक पुरस्कार के तौर पर मिलते हैं। सात पैकेज में सर्टिफिकेशन होने पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 1.26 लाख और बारह पैकेज में 2.16 लाख रुपये का पुरस्कार तीन वर्षों तक दिया जाता है।

 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डीपीएम कुलदीप भारद्वाज ने बताया कि एनक्वास सर्टिफाइड होने के बाद मिलने वाली पुरस्कार की धनराशि से स्वास्थ्य इकाइयों में गुणात्मक सुधार संबंधित कार्य कराए जाते हैं। इससे मरीजों को और गुणवत्तापूर्ण सेवा मिलती है। गैप्स दूर करने में भी पुरस्कार की धनराशि मददगार होती है। पुरस्कार से कर्मचारियों को भी प्रोत्साहन राशि दी जाती हैं । उन्होंने बताया कि इन 8 मानकों, जैसे- सेवा प्रावधान, रोगी अधिकार, इनपुट, सहायता सेवाएँ, नैदानिक देखभाल, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता, प्रबंधन पर एनक्वास सर्टिफिकेशन दिया जाता है।

 

इन इकाइयों को मिला एनक्वास

1- जिला अस्पताल

2- आयुष्मान आरोग्य मंदिर महुआ खेड़ा

3- आयुष्मान आरोग्य मंदिर उजरई कलां

4- आयुष्मान आरोग्य मंदिर मिर्जा खां

5- आयुष्मान आरोग्य मंदिर श्यामो

6- आयुष्मान आरोग्य मंदिर करबना

7- आयुष्मान आरोग्य मंदिर खांडा

8- आयुष्मान आरोग्य मंदिर सौरई

9- आयुष्मान आरोग्य मंदिर जौपुरा

10- जिला महिला अस्पताल

11- आयुष्मान आरोग्य मंदिर ऊंचा

12- आयुष्मान आरोग्य मंदिर पवसार

13- आयुष्मान आरोग्य मंदिर वरिगमा खुर्द

14- आयुष्मान आरोग्य मंदिर दिगनेर

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