कब और कैसे जगत की देवी मां सती ने ली भगवान राम की परीक्षा साध्वी सुरजीता भारती

अभिषेक चौहान ब्यूरो शाहजहांपुर

शाहजहांपुर दिव्य ज्योति जागृत संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय संगीतमय भजनों एवं चौपाइयों से परिपूर्ण श्री हरिकथा का आयोजन रामचरण लाल धर्मशाला खिरनी बाग में किया जा रहा है

आज कथा के दूसरे दिन साध्वी सुरजीता कुमारी एवं साध्वी सुर्वा भारती ने हरि भक्तों को माता सती की कथा सुनाते हुए कहा भगवान को बुद्धि से नहीं प्रेम से जीता जा सकता है यहां पर माता सती भगवान राम की बुद्धि से परीक्षा लेने गई और उन्हें जो देखने को मिला उससे वह अचंभित रह गई कथा में आगे सुनाया भगवान राम का जीवन आज भी लोगों के लिए एक सीख है। उन्होंने एक आदर्श जीवन जी कर हर किसी को प्रेरणा दी, जिसे लेकर कई सारी कथाएं प्रचलित हैं। ऐसी ही एक कथा का जिक्र आज हम करेंगे। ये कथा तब की है जब त्रेतायुग में भगवान राम माता सीता का हरण होने के बाद पूरे वन में ‘सीते-सीते कहकर उन्हें व्याकुल हो ढूंढ रहे थे। ये देख हर कोई हैरान था, क्योंकि भगवान राम श्री हरि विष्णु का अवतार हैं।

वहीं, इस घटना को देखकर प्रभु राम परमात्मा हैं या नहीं उनकी परीक्षा लेने के लिए देवी सती धरती लोक पर मां सीता का स्वरूप धारण कर चली आईं। हालांकि भगवान शिवजी ने उन्हें बहुत समझाया, लेकिन फिर भी वे अपने निर्णय पर अटल रहीं। जैसे माता सती भगवान राम के सामने पहुंची, तो उन्होंने मां को तुरंत ही पहचान लिया। इसके बाद मर्यादा पुरुषोत्तम ने भगवान शिव के बारे में भी पूंछ लिया, जिससे देवी सती बहुत ज्यादा हैरान हुईं। इस घटना के बाद मां सती का भ्रम पूरी तरह टूट गया और उन्हें ये यकीन हो गया कि राम जी ही श्री हरि विष्णु का अवतार हैं। इसके बाद माता सती कैलाश पर चली गई

जब शिवजी ने पूंछा तो माता सती झूठ बोल गई और कहा कि हे स्वामी मैने कोई परीक्षा ही नहीं ली और वहां जाकर आपकी तरह मैंने भी प्रणाम किया, साथ सती जी ने यह भी कहा कि हे नाथ आपने जो भी कहा वह झूठ नहीं हो सकता है. ऐसे में परीक्षा लेने का कोई औचित्य नहीं होता.भगवान शिवजी ने ध्यान में सबकुछ जान लेते हैं. वे ध्यान में सती को माता सीता जी के रूप में देख लेते हैं और सती जी का झूठ भी जान लेते हैं. यह देखकर भगवान शिवजी को बड़ा दुःख होता है.

आज की कथा का शुभारंभ आरती पूजन करके नीरज बाजपेई विनोद गुप्ता सुबोध शर्मा मोहन ग्रोवर शोभना गुप्ता राजमाता वीरेश्वरी शर्मा ने कराया

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

क्या शाहाबाद में महिला डिग्री कॉलेज की स्थापना की जरूरत है?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Back to top button
Close
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129