रामचंद्र मिशन आश्रम में ध्यान, दर्शन और दिव्यता का संगम

अभिषेक चौहान ब्यूरो शाहजहांपुर

गुरु-दर्शन से आलोकित हुई साधकों की साधना-यात्रा

देश विदेश के हजारों अभ्यासियों ने की ध्यान साधना

सतना के सांसद गणेश सिंह और ब्रिटेन के सांसद लार्ड क्रिस लेवन ने की सहभागिता

 

शाहजहांपुर। श्री राम चन्द्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडीटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ के सान्निध्य और मार्गदर्शन में राम चन्द्र मिशन आश्रम में आयोजित बसंत उत्सव–2026 के तीसरे चरण के तीसरे दिन का शुभारंभ प्रातःकाल सामूहिक ध्यान साधना से हुआ। देश–विदेश से आये हजारों अभ्यासियों ने ध्यान साधना कर मानव कल्याण और विश्व शांति की कामना की। आश्रम परिसर शांति, श्रद्धा और साधना से आलोकित वातावरण रहा।

इस मौके पर सतना मध्य प्रदेश के सांसद गणेश सिंह व ब्रिटेन की पार्लियामेंट के सांसद लार्ड क्रिस लेवन विशेष रुप से मौजूद रहे।

इस मौके पर दाजी ने अपने संदेश में कहा कि ध्यान मन की अंतः यात्रा है और ईश्वर से जुड़ने का सहज मार्ग हैं। ध्यान से जो मौन मार्गदर्शन मिलता है, वह प्रेम और उद्देश्य के साथ जीवन को आगे बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि अपने कार्यों को करते हुए भी ईश्वर के प्रति समर्पण और स्मरण बनाए रखें। यह निरंतर स्मरण ही हमें सांसारिक प्रभावों (संस्कारों) से सुरक्षा प्रदान करता है।

बसंत उत्सव के अंतर्गत आश्रम परिसर में श्रद्धा, साधना और शांति का दिव्य वातावरण रहा।

आयोजन को सफल बनाने में कान्हा आश्रम प्रबंधक विनीत राणावत, सर्वेश चंद्रा, माधो गोपाल अग्रवाल, ए.के. गर्ग, राजीव सपरा,श्री गोपाल अग्रवाल, सुयश सिन्हा, हर्षवर्धन अग्रवाल, ममता सिंह, संजय मिश्रा, राज गोपाल अग्रवाल, कृष्णा भारद्वाज,शुभम सक्सेना, उमेश श्रीवास्तव, विनोद श्रीवास्तव, पूनम जायसवाल राकेश सक्सेना,डा. प्रसन्न कुमार, के एम त्रिपाठी,डा. अनुभव सक्सेना, कृष्णा भारद्वाज सहित अनेक साधकों का योगदान रहा।

 

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प्रेम, आशीर्वाद और साधना के संगम के बीच विवाह बंधन में बंधे तीन युगल

 

शाहजहांपुर। प्रेम, आशीर्वाद और अध्यात्म के संगम के बीच परिणय सूत्र बंधन का साक्षी बना राम चन्द्र मिशन आश्रम, जहाँ बसंत उत्सव में तीन विवाह पवित्र रीति से संपन्न हुए। श्री राम चन्द्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडिटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक पूज्य कमलेश डी. पटेल (दाजी) ने अपने सान्निध्य और आशीर्वाद के साथ इन विवाह को संपन्न कराया ।

पहला विवाह दिल्ली के जतिन के साथ सतना की आख्या ने एक-दूसरे को वरमाला अर्पित कर प्रेम और विश्वास के सूत्र में बंधने की प्रतिज्ञा ली। दूसरा विवाह गोंडा उत्तर प्रदेश की ममता के बस्ती के वेदप्रकाश के साथ हुआ।नवदम्पति ने पूज्य दाजी से आशीर्वाद प्राप्त कर अपने वैवाहिक जीवन की शुभ शुरुआत की।

तीसरे विवाह में कान्हा हैदराबाद के चित्रांश और सुशहाली ने वैदिक परंपराओं के साथ सात्विक भाव से परिणय सूत्र में बंधकर दाजी का आशीर्वाद प्राप्त किया।तीनों नवदम्पतियों को पूज्य दाजी ने प्रसाद प्रदान कर मंगल कामनाएँ दीं और उनके दांपत्य जीवन को प्रेम, संयम तथा सेवा के पथ पर अग्रसर होने का संदेश दिया।

इस प्रकार बसंत उत्सव का यह दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि संस्कारों, संवेदनाओं और साधना के साथ वैवाहिक जीवन की प्रेरक मिसाल बन गया।

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