100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

राजेश भारद्वाज स्टेट हेड हरियाणा

बावल और रेवाड़ी ग्रामीण क्षेत्रों की आंगनबाड़ी वर्कर्स को किया जागरूक

 

रेवाड़ी। डीसी अभिषेक मीणा के निर्देशानुसार जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा व प्रमोद कुमार ने बुधवार को रेवाड़ी बाल भवन में ग्रामीण क्षेत्र रेवाड़ी और बावल की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बाल विवाह मुक्त भारत बारे जागरूक किया।

कार्यक्रम में बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा ने प्रतिभागियों को बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ दिलवाते हुए बाल विवाह और घरेलू हिंसा से जुड़े कानूनों, उसके दुष्परिणामों और रोकथाम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जागरूक करते हुए बताया कि कानून के मुताबिक लड़की की शादी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में विवाह कराना दंडनीय अपराध है, जिसमें 2 वर्ष तक की कैद और 1 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। वहीं झूठी शिकायत करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यदि बाल विवाह की जानकारी मिलती है तो उसे 112, 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन), नजदीकी पुलिस थाने या आंगनबाड़ी वर्कर को तुरंत सूचित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जिला प्रशासन द्वारा 100 गांवों में आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूल और कॉलेज में जागरूकता गतिविधियां चलाई जा रही हैं।

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