श्री एकरसानंद आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा का अष्टम दिवस

 

 

 

 

 

 

 

 

 

मृदुल कुमार कुलश्रेष्ठ सिटी रिपोर्टर मैनपुरी

भगवान की भक्ति प्रधान है-गोविन्द महाराज

मैनपुरी। शहर के पंजाबी कॉलोनी स्थित श्री एकरसानंद आश्रम के सत्संग भवन में परम पूज्य परमहंस श्री स्वामी शारदानंद सरस्वती जी महाराज की कृपा छाया एवं दैवी संपद मंडल के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी श्री हरिहरानंद जी महाराज के शुभ संकल्पानुसार श्रावण मास में गुरुवार को सरस कथा वाचक आचार्य गोविन्द दीक्षित जी महाराज द्वारा गुरुदेव भगवान के चित्र पर माल्यार्पण कर एवं पूजन कर तथा श्रीमद भागवत कथा का शुभारंभ किया।

कथा के अष्टम दिवस पोथी पूजन एवं व्यास पूजन कथा के यजमान अवधेश सिंह चौहान व उनकी पत्नी अंजू चौहान द्वारा किया गया।

सरस कथा वाचक आचार्य गोविन्द देव जी ने कंस वध की कथा का वर्णन करते हुये कहाकि कंस यानि अभिमान।

आचार्य ने कहाकि भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा नगरी में प्रवेश किया तो उन्हें सबसे पहले कुब्जा मिली। कुब्जा कंस की दासी थी। कुब्जा हकीकत में सुन्दर थी, लेकिन तीन दोष के कारण वह कुवड़ी कहलाती थी। भगवान श्रीकृष्ण ने उसे दोष मुक्त कर उनका कल्याण किया।

उन्होंने बताया कि कुब्जा बुद्धि है और बुद्धि के पिता सद्गुरु है। बुद्धि के पति परमात्मा है। बुद्धि जब तक भगवान रुपी पति को वरण नही करती है, वह पिता के अधीन है। कुब्जा कंस यानि अभिमान के अधीन थी। अब कुब्जा भगवान को समर्पित हुई तो भगवान ने उसके त्रिदोष को दूर कर दिया।

आचार्य गोविन्द देव ने कहाकि भगवान की भक्ति प्रधान है। केवल ज्ञान से कोई बात नही बनती, उसमें भक्ति भी होनी चाहिऐं।

उन्होंने परम मांगलिक रुकमणि और श्रीकृष्ण के विवाह की कथा का वर्णन किया। भगवान श्रीकृष्ण-रुकमणि विवाह की कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गये।

कथा के दौरान श्रद्धालु भजनों पर झूमते रहे। इस मौके पर स्वामी रामेश्वरानन्द, डॉ गया प्रसाद दुबे, डॉक्टर संजीव मिश्रा, श्रीमती राधा रानी दुबे, प्राचार्य डॉ राम बदन पांडेय, राम खिलाडी यादव्, श्याम जी दीक्षित, सुभाष मिश्रा, मीडिया प्रभारी आकाश तिवारी, कृष्ण दत्त मिश्रा, बृजेश शर्मा, सत्यदेव मिश्रा, अनुज, दिनेश पाठक, अंशु पाठक, पुष्पराज तिवारी, अनिरुद्ध पांडे आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

क्या शाहाबाद में महिला डिग्री कॉलेज की स्थापना की जरूरत है?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Back to top button
Close
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129