EPS-95 पेंशनरों को न्याय दिलाने की मांग*- *मानव अधिकार परिषद, रेवाड़ी ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

राजेश भारद्वाज स्टेट हेड हरियाणा

 

रेवाड़ी। कर्मचारी पेंशन योजना–1995 (EPS-95) के अंतर्गत देशभर के लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानजनक जीवन दिलाने की दिशा में मानव अधिकार परिषद, रेवाड़ी ने एक सशक्त एवं प्रभावी पहल की है। परिषद की ओर से भारत के माननीय प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी श्री हरि प्रकाश बंसल को विधिवत रूप से सौंपा गया।

यह ज्ञापन मानव अधिकार परिषद, रेवाड़ी के कानूनी सलाहकार एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी श्री नत्थूराम यादव, अधिवक्ता के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। ज्ञापन में EPS-95 पेंशनरों की अत्यंत दयनीय आर्थिक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए न्यूनतम पेंशन में तात्कालिक वृद्धि की पुरजोर माँग की गई है।

श्री नत्थूराम यादव ने बताया कि वर्तमान में EPS-95 के अंतर्गत दी जा रही मात्र ₹2500 प्रतिमाह की न्यूनतम पेंशन आज की महँगाई, चिकित्सा व्यय, आवास तथा दैनिक जीवन की आवश्यकताओं के अनुरूप पूरी तरह अपर्याप्त है। यह स्थिति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत प्रदत्त गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का स्पष्ट उल्लंघन है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि EPS-95 पेंशनर वे कर्मचारी हैं जिन्होंने अपने सेवाकाल में देश के औद्योगिक, सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सेवानिवृत्ति के पश्चात उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जीने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।

मानव अधिकार परिषद ने यह भी स्मरण कराया कि राष्ट्रीय आंदोलन समिति (कर्मचारी पेंशन योजना) के प्रतिनिधिमंडल द्वारा पूर्व में दो बार माननीय प्रधानमंत्री से इस विषय पर भेंट की जा चुकी है, जहाँ स्वयं प्रधानमंत्री ने यह स्वीकार किया था कि EPS-95 के अंतर्गत पेंशन अत्यंत कम है तथा इसे ₹7500 प्रतिमाह + महँगाई भत्ता (DA) किया जाना चाहिए।

ज्ञापन के माध्यम से सरकार से निम्न प्रमुख माँगें रखी गईं—

1. EPS-95 के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन को तत्काल बढ़ाकर ₹7500 प्रतिमाह किया जाए।

2. पेंशन राशि पर महँगाई भत्ता (DA) लागू किया जाए।

3. भविष्य में महँगाई दर के अनुरूप पेंशन में स्वचालित संशोधन की स्थायी नीति बनाई जाए।

जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी श्री हरि प्रकाश बंसल को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से परिषद ने आशा व्यक्त की कि यह गंभीर जनहित का विषय शीघ्र ही केंद्र सरकार एवं माननीय प्रधानमंत्री तक पहुँचाया जाएगा।

मानव अधिकार परिषद, रेवाड़ी ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार इस मानवीय एवं संवैधानिक मुद्दे पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर देश के करोड़ों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मान, सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार सुनिश्चित करेगी।

इस अवसर पर सेवानिवृत्त सामाजिक कार्यकर्ता ब्रिगेडियर एस. एस. खोला, दलीप सिंह खोला, मानव अधिकार परिषद के प्रदेश अध्यक्ष राजेश भारद्वाज, कानूनी सलाहकार अधिवक्ता नत्थूराम यादव, जिला अध्यक्ष शिव कुमार यादव, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह यादव, उपाध्यक्ष धनराज शर्मा, महिला कार्यकारी अध्यक्ष करूणा यादव, जिला उपाध्यक्ष स्नेहलता, अधिवक्ता जितेन्द्र सिंह, अधिवक्ता राहुल शर्मा, अधिवक्ता अरूण शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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