दलितों की दबंगई से आम जनमानस में भारी आक्रोश: कब्जे की नीयत से हिन्दू मंदिर पर लगाया बौद्ध विहार का बोर्ड

मनोज कुमार शर्मा ब्यूरो चीफ मैनपुरी

आगरा । आगरा के थाना न्यू आगरा क्षेत्र में दलितों की दबंगई का एक अत्यंत संवेदनहीन मामला प्रकाश में आया है। संबंधित थाना न्यू आगरा क्षेत्र के मऊ रोड़ स्थित सिद्धार्थ एन्क्लेव में प्राचीन काल से स्थापित पथवारी माता के सार्वजनिक मंदिर पर दलितों द्वारा बौद्ध विहार का बोर्ड लगाए जाने से आम जनमानस में भारी आक्रोश व्याप्त है। यह मंदिर प्राचीन काल से स्थानीय जनता की श्रद्धा और आस्था का पवित्र केंद्र रहा है, जिसे पथवारी माता मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर में स्थानीय जनता लम्बे समय से पूजा अर्चना करते हुए अपनी अपनी मन्नतें मांगती रही है। बीते बुधवार को दलित समाज के अराजक तत्वों द्वारा मंदिर परिसर में अवैद्य निर्माण के जरिए मंदिर पर कब्जा करने का प्रयास किया गया था, जिसके बाद हंगामा खड़ा हो गया था, किंतु स्थानीय पुलिस की सकारात्मक पहल से ऐसा नहीं हो सका। दलित समाज के अराजक तत्वों ने मंदिर के मेन गेट पर बौद्ध विहार का बोर्ड लगा दिया है, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की संभावना प्रबल बनीं हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दलित समाज के एक वर्ग द्वारा मंदिर को अपनी व्यक्तिगत प्रॉपर्टी होने का दावा किया जा रहा है। जबकि दलित समाज के पास मंदिर की जमीन से संबंधित किसी प्रकार के दस्तावेज मौजूद नहीं है। बावजूद इसके मंदिर को अपनी निजी संपत्ति होने का दावा किया जा रहा है और मंदिर के मैन गेट पर बौद्ध विहार का बोर्ड लगा दिया है। जिसके चलते आम नागरिकों में आक्रोश व्याप्त है। मंदिर के सेवादारों ने स्थानीय पुलिस को संपूर्ण प्रकरण की जानकारी दी और हस्तक्षेप कर मंदिर को कब्जा मुक्त कराने की अपील की है। ‌

मंदिर के सेवादारों द्वारा दी गई सूचना पर दयालबाग चौकी प्रभारी जागेश्वर सिंह मय फोर्स के तत्काल मौके पर पहुंचे और अवैद्य निर्माण को रुकवा दिया। अवैद्य निर्माण करवा रहे असामाजिक तत्वों ने मंदिर की जमीन अपनी व्यक्तिगत संपत्ति होने का दावा किया तो पुलिस ने उनसे जमीन से संबंधित दस्तावेज लेकर थाना आने के लिए कहा। बिना दस्तावेज निर्माण को पुलिस ने अराजक कार्रवाई घोषित करते हुए दोनों पक्षों को थाना बुलाया और मंदिर से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा, किंतु वे किसी प्रकार के दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। बावजूद इसके असामाजिक तत्वों ने मंदिर पर लगाए गए बौद्ध विहार के फर्जी बोर्ड को हटाया नहीं है, जिसके चलते श्रद्धालुओं में आक्रोश पनप रहा है।

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