आमजन किरायेदारों की वेरिफिकेशन में कोताही न बरतें, वेरिफिकेशन होने से असल अपराधियों पर त्वरित अंकुश लगाया जा सकता है :- पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी

राजेश भारद्वाज स्टेट हेड हरियाणा

 

पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी श्री गौरव राजपुरोहित ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण पाने हेतु घरों में बाहर से आए हुए किरायेदारों की पुलिस वेरिफिकेशन करवाकर पुलिस का सहयोग करें। क्योंकि कुछ अपराधिक किस्म के व्यक्ति जो बाहर से आकर किराए पर रहकर अपराध को अंजाम देकर भाग जाते हैं, फिर उनका रिकार्ड ना तो मकान मालिक के पास होता और ना पुलिस के पास होता है। इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए बाहर से आए हुए किरायेदारों की सत्यापन रिपोर्ट करवाकर संबंधित पुलिस थाना में रिकार्ड जमा करवाने में पुलिस का सहयोग करें।

मकान मालिकों को किरायदारों की वेरिफिकेशन करवाना कितना आवश्यक है, इस बारे में पुलिस द्वारा समय–समय पर आमजन को अवगत करवाया जाता रहा है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि जितना जल्दी संभव हो अपने किराएदारों का पुलिस वेरिफिकेशन करा लें और किरायेदारों की वेरिफिकेशन करवाने में लापरवाही ना बरतें। कई अपराधी किसी अन्य शहर या राज्य में आपराधिक वारदात करके अपनी पहचान छुपा कर छोटे शहरों में किरायेदार बनकर रहते हैं। इसके अलावा कई अपराधी मकान किराए पर लेकर शहर में वारदात करने के लिए रेकी करते हैं और मौका मिलते ही घटना को अंजाम देकर भाग जाते हैं। जब मकान मालिक से पुलिस पूछताछ की जाती है तो मकान मालिक के पास किरायेदार का कोई फोटो व मोबाइल नंबर व सही पता नहीं होता हैं। इस प्रकार अपराधी पुलिस की पकड़ से दूर हो जाता है।

इस सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि के साथ–साथ एक जिम्मेवार नागरिक होने के नाते भी किरायेदारो का पुलिस सत्यापन जरुर करवाएं। क्योंकि ऐसा करने से आपके साथ समाज सुरक्षित रहेगा। क्योंकि ज्यादातर मकान मालिक किरायेदार का पुलिस वेरिफिकेशन गैर जरूरी समझते हैं, जबकि यह मकान मालिक की पहली जिम्मेवारी है कि इसकी गम्भीरता को समझें और पूरी प्रक्रिया अपनाकर पुलिस वेरिफिकेशन कराएं।

किरायेदार का पुलिस वेरिफिकेशन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है। दोनों ही मामलों में किरायेदार सत्यापन फॉर्म भरना होता है और सभी जरूरी दस्तावेज जमा कराने होते हैं। ऑनलाइन पुलिस वेरिफिकेशन के लिए सबसे पहले किरायेदार के संबंधित राज्य के पुलिस विभाग ऑनलाइन पोर्टल पर जाएं और सिटीजन सर्विसेज में किरायेदार सत्यापन फॉर्म भरकर जरूरी दस्तावेज अपलोड कर अप्लाई करें। ऑनलाइन पुलिस वेरिफिकेशन के लिए मकान मालिक अपने संबंधित थाना में जाकर किरायेदार सत्यापन फॉर्म भरकर आवश्यक जानकारी थाना में उपलब्ध कराएं। दोनों तरीकों में वेरिफिकेशन फॉर्म के साथ किरायेदार और मकान मालिक का पहचान प्रमाण पत्र, रेंट एग्रीमेंट और फोटो आदि जरूरी कागजात जमा करने होते हैं। किरायेदार का वेरिफिकेशन कराने से उसके आपराधिक रिकॉर्ड का पता चलता है। इससे मकान मालिक को किसी भी तरह की धोखाधड़ी या नुकसान से बचने में मदद मिलती है।

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