श्रृद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया बाबूजी महाराज का जन्मोत्सव 

अभिषेक चौहान ब्यूरो शाहजहांपुर

रामचन्द्र मिशन आश्रम में प्रवाहित हुई ध्यान, प्रेम और करुणा की त्रिवेणी

हजारों अभ्यासियों ने ध्यान साधना कर की विश्व कल्याण की कामना शाहजहांपुर। श्री राम चन्द्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडीटेशन के मार्गदर्शक पूज्य गुरुदेव कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ के मार्गदर्शन में राम चन्द्र मिशन आश्रम में आज महात्मा रामचन्द्र जी महाराज बाबूजी का जयंती समारोह पूर्ण दिव्यता, भव्यता और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रातःकालीन साधना से प्रारंभ हुआ यह समारोह मानो साधकों की चेतना को नव प्रकाश से आलोकित करने का विराट यज्ञ बन गया। देश के विभिन्न स्थानों से आए हजारों अभ्यासियों ने एकात्म भाव से सामूहिक ध्यान-साधना कर मानव कल्याण और विश्व शांति के लिए मंगल कामना की।

उत्सव का शुभारंभ सुबह के ध्यान सत्र के साथ हुआ, जिसमें वातावरण शांति, श्रद्धा और साधना की दिव्य तरंगों से गुंजायमान हो उठा।

इस दौरान शहर के अजीज गंज स्थित सहज मार्ग जंक्शन में बाबूजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में उत्तर प्रदेश प्रभारी अनुपम अग्रवाल, केंद्र प्रभारी सर्वेश चंद्रा, आश्रम प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह, माधो गोपाल अग्रवाल, विजय कुमार आदि शामिल रहे।

इस पावन अवसर पर श्री राम चन्द्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडीटेशन के वैश्विक मार्गदर्शक पूज्य गुरुदेव कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ ने अपने संदेश में कहा कि सहज मार्ग के साधकों के लिए बाबूजी महाराज का जन्मोत्सव केवल उल्लास का पर्व नहीं, बल्कि एक दिव्य स्मृति और चेतना का उत्सव है। इसी पावन तिथि को दिव्य प्रकाश ने महात्मा रामचन्द्र जी महाराज के रुप में पृथ्वी पर अवतरण का संकल्प लिया था। वर्ष 1899 में शाहजहांपुर में एक ऐसी महान आत्मा का अवतरण हुआ, जिसने मानवता की आध्यात्मिक यात्रा को नवीन दिशा प्रदान की। वही महापुरुष आगे चलकर “बाबूजी” के नाम से विख्यात हुए। संसार उस समय उनके महत्त्व से अनभिज्ञ था, क्योंकि महान आत्माएं प्रायः बिना किसी उद्घोष के सामान्य मानव रूप में प्रकट होती हैं।

दाजी ने कहा कि बाबूजी महाराज के माध्यम से मानवता को एक विस्मृत आध्यात्मिक धरोहर प्राणाहुति का पवित्र विज्ञान पुनः प्राप्त हुआ, जो सूक्ष्म, गूढ़ और दिव्य विद्या मानव अंतःकरण में ईश्वरीय चेतना के संचार का माध्यम बनी। अपने वर्चुअल संदेश में

दाजी ने मिशन के अभ्यासियों से आह्वान किया कि वे इस जन्मोत्सव को केवल एक पर्व के रूप में न देखें, बल्कि इसे आत्म-परिष्कार, अंतर्मुखी साधना और चेतना के उत्कर्ष का अवसर बनाएं। उन्होंने कहा कि मिशन के अभ्यासी को अपने भीतर की जड़ताओं को त्यागकर प्रेम, करुणा और शांति के पुष्प खिलाने चाहिए।

बाबूजी महाराज के जन्मोत्सव में संपूर्ण आश्रम परिसर में श्रद्धा, साधना और शांति का दिव्य वातावरण दिखाई दिया।

सायंकाल में भी ध्यान सत्र का आयोजन किया गया और बाबूजी महाराज की जीवन यात्रा पर एक वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया।

आयोजन में राजगोपाल अग्रवाल,श्री गोपाल अग्रवाल, ममता सिंह, सुयश सिन्हा,हर्षवर्धन अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, विनोद श्रीवास्तव, राकेश सक्सेना, सुंदर अग्रवाल, सार्थक गोयल, सुरेंद्र सिन्हा, अविरल तिवारी, के एम त्रिपाठी, संजय श्रीवास्तव, आदि का विशेष सहयोग रहा।

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