ग्रामों को स्वच्छ व सुन्दर बनायें प्रधानठोस एवं तरल अपशिष्ट का प्रबन्धन करें कार्ययोजनानुसार

शालिनी कुलश्रेष्ठ, जिला संवाददाता मैनपुरी

मैनपुरी। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 के ओडीएफ प्लस योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 के चयनित ग्रामों के प्रधानो, सचिवों, पंचायत सहायकों व सफाई कर्मचारियो का प्रशिक्षण सोमवार से क्षेत्रीय ग्राम्य विकास प्रशिक्षण संस्थान मैनपुरी में आचार्य एस के शंखवार ने दीप प्रज्जवलन कर किया।

प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए आचार्य क्षेत्रीय ग्राम्य विकास प्रशिक्षण संस्थान ने कहा कि मैनपुरी में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबन्धन की कार्यशाला का उद्देश्य है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के ग्रामों में प्रधान व सचिव कूड़ा संग्रहण केन्द्र, सोकपिट, खद गड्ढे, फिल्टर चैम्बर, सिल्ट कैचर आदि का निर्माण उचित स्थल चयन करके करायें। स्थल चयन पर विशेष ध्यान दिया जाये। देखने में आया है कि कुछ ग्रामों मंे प्रधानांे द्वारा खाद गड्ढों का निर्माण ऐसे स्थान पर करा दिया गया है जहां पहुंचने का रास्ता भी नहीं है। खाद गड्ढांें का निर्माण ऐसे स्थलों पर कराया जाये जहां पर किसी भी समय ग्रामवासी अपने कूड़ा का निस्तारण कर सकें। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना से खुले में शौच प्रथा समाप्त हुई है। अब सरकार ग्रामों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबन्धन का कार्य कर ग्रामों को मॉडल ग्राम बनाने में का अभियान चला रही है। इस अभियान में सफाई कर्मचारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। कूड़ा संग्रहण केन्द्र पर एकत्रित ठोस कचरे को अलग-अलग करने के लिए लगाये गये कर्मचारियों को सफाई किट भी ग्राम पंचायत द्वारा उपलब्ध कराई जाये।

आचार्य डीपीआरसी फिरोजाबाद धर्मेन्द्र सिंह ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में कहा कि चयनित ग्रामों को जनसंख्या के आधार पर स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अन्तर्गत धनराशि आवंटित की गई है। प्रति व्यक्ति 340 रू0 की दर से धनराशि ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराई गई है। 30 प्रतिशत धनराशि 15वें वित्त के टाईड फण्ड से व्यय की जायेगी। वर्मी कम्पोस्ट, खाद गड्ढे, सोकपिट आदि निर्माण कार्यों के तकनीकी सहयोग हेतु कन्सल्टिंग इंजीनियर तैनात हैं। प्रशिक्षण में उपलब्ध कराये गये पॉकेट चार्ट में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबन्धन के कार्यों की तकनीकी जानकारी दी गई है। प्रधान, सचिव, पंचायत सहायक व सफाई कर्मचारी इस पॉकेट चार्ट को अपने पास रखंें। खण्ड प्रेरक की विकास खण्ड क्षेत्र में किये जा रहे निर्माण कार्यों के अनुश्रवण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। खण्ड प्रेरक अपने उत्तरदायित्व को ईमानदारी निर्वहन करें तभी ग्रामों को स्वच्छ व सुन्दर बनाया जा सकता है। प्रशिक्षण में मण्डलीय कन्सलटेन्ट अवनीश द्विवेदी ने कहा कि घर-घर से कूड़ा संग्रहण करने का कार्य ग्राम पंचायत द्वारा कराया जाये और ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थित दुकानांे, व्यापारिक प्रतिष्ठानों व ग्रामवासियांें से स्वच्छता का शुल्क निर्धारित किया जाये। यूजर चार्ज की वसूली हेतु सभी ग्रामवासियों में सहमति की जाये। प्रशिक्षण में प्रशिक्षक नितीश कुमार, हेमन्त इंचार्य, काव्या सिंह, शिखा मिश्रा, प्रशान्त पाठक ने प्रतिभागियों को मॉडल ग्राम बनाने की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दूसरे दिन फील्ड विजिट होगा। विकास खण्ड सुल्तानगंज के प्रतिभागी आलीपुर खेड़ा में व विकास खण्ड कुरावली के प्रतिभागी सोनई ग्राम में फील्ड विजिट करेंगे। जनपद से डीपीसी नीरज शर्मा, फराज अहमद, सहायक विकास अधिकारी पं0 राजवीर सिंह, भवानी शंकर, अमित कुलश्रेष्ठ, खण्ड प्रेरक सुनीलम, अनुपम पाल, कर्मवीर सिंह, सुनीता गौतम, पारूल दीक्षित, अनिल प्रताप सिंह, राहुल कुमार, दिलीप कुमार आदि ने प्रशिक्षण में अपना सहयोग प्रदान किया।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

क्या शाहाबाद में महिला डिग्री कॉलेज की स्थापना की जरूरत है?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Back to top button
Close
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129