जानलेवा मांझा कब तक लोगो को जख्मी करेगा

नौशाद अली अंसारी प्रदेश संवाददाता

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने देशभर मे पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाले चाइनीज मांझे की खरीद-फरोक्त, स्टोरेज और इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी है. ये रोक नायलोन मांझा और ग्लास कोटिंग के कोटन मांझे पर भी लगाई गई है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने अपना ये आदेश खास तौर से एक डेढ़ महीने के अंदर आने वाले त्योहारों के मद्देनजर दिया है. बंसत पंचमी पर खास तौर से पतंगे उड़ाई जाती हैं और उस दौरान पक्षियों के साथ-साथ आम लोगों के भी घायल होने की खबरें मिलती है.

 

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का ये बैन पूरे देश पर लागू है. लिहाजा इस मामले मे मांझा एसोसिएशन को भी कोर्ट ने एक रिपोर्ट देने को कहा है जिसमें वो बताए कि किस तरह के मांझे बायो डिग्रेडेबल है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने एक विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को भी तैयार करने को कहा है, जिसमें वो कोर्ट को बताए कि किस तरह के मांझे प्रयोग किए जा सकते हैं जो लोगों और पर्यावरण के लिए सुरक्षित हो. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का ये अंतरिम आदेश है, जो अभी से जनवरी तक पूरे देशभर में लागू रहेगा. कोर्ट एक फरवरी को इस मामले मे दोबारा सुनवाई करेगा और उसके बाद ये तय होगा की किस तरह के मांझे के प्रयोग की इजाजत देश मे दी जा सकती है.

अब देखना ये है प्रसाशन इस पर क्या प्रतिक्रिया करता..

ये घातक मांझा बेचने वालो को कब तक छूट मिलती रहेगी..

सबाल कयी है । पर जवाब शून्य???

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