उत्तर प्रदेश में प्राइवेट विद्यालयों में हो रही पुस्तकों पर शुल्क की धांधली, बाबा मन माने ढंग से शिक्षण शुल्क वसूलना बंद करें सरकार।

मुकेश द्विवेदी ब्यूरो मंडल कानपुर

आज जनपद कन्नौज की तहसील छिबरामऊ में संपूर्ण समाधान के अवसर पर शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 एवं जिला शुल्क नियामक समिति से मंजूरी बगैर निजी शिक्षण संस्थानों में अभिभावकों से अवैध धन की उगाई के संबंध में एक ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में अवगत कराया गया। कि कस्बा व तहसील छिबरामऊ जनपद कन्नौज के निजी स्कूलों में एनसीआरटी और सीबीएसई की किताबें को अनिवार्य किया जाए। उत्तर प्रदेश के सभी स्कूलों में प्रतिवर्ष यूनिफॉर्म का बदलाव न किया जाए। यह अनु चित और व्यापारिक गतिविधि है। बच्चों को प्रति वर्ष नवीन दुकान से किताबें खरीदने के लिए बाध्य न किया जाए ।मनवाने ढंग से शुल्क न वसूला जाए ।यह गैरकानूनी है विद्यालयों को उत्तर प्रदेश के अंदर व्यवसाय बनाया गया है। इस पर सरकार सख्त कार्रवाई करें। अगर प्राइवेट संस्था का कोई प्रबंधक या प्रधानाचार्य अपनी संस्था में मनमानी करता है। तो उसके विरुद्ध सबसे सख्त कार्रवाई की जाए। अभिभावकों से बच्चों को विद्यालय तक लाने और ले जाने के लिए जो अवैध यात्रा का शुल्क लिया जा रहा है। यह उचित नहीं है। प्रतिवर्ष यूनिफॉर्म का बदलाव होना गलत है। उस पर भी अंकुश लगाए सरकार। इस अवसर पर एडवोकेट पुरुषोत्तम त्रिपाठी भारतीय किसान यूनियन कृष्ण के जिला संयुक्त मंत्री शुक्ला एडवोकेट अमित कुमार ,एडवोकेट अखिलेश कश्यप शैलेंद्र सिंह घनश्याम सिंह, संजीव यादव योगेंद्र सिंह, विकास दीक्षित, सत्येंद्र दुबे, आलोक दुबे,विनोद दुबे बृजेश दुबे सहित काफी लोग मौजूद थे।

 

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