कान्हा गौ शाला पर पार्षद और अधिकारियों के अलग अलग सुर

गोपाल चतुर्वेदी ब्यूरो चीफ मथुरा

 

पार्षदों का दावा, गोशाला में मर गए दो गोवंश

वृंदावन (मथुरा) नगर निगम द्वारा वृंदावन में संचालित कान्हा पशु आश्रय गोशाला में को लेकर पार्षदों ने बड़ा आरोप लगाया है। पार्षद दल ने गोशाला का निरीक्षण किया और कहा कि वहां दो गोवंश मरे पड़े मिले। उधर, अधिकारियों का दावा है कि ये जिंदा हैंं। मरणासन्न हालत में जरूर हैं पर इनका उपचार किया जा रहा है।

नगर निगम के छह पार्षदों का एक दल बृहस्पतिवार की दोपहर को नगर निगम की कान्हा पशु आश्रय गोशाला पहुंचा। पार्षद राजवीर सिंह, कुंजबिहारी भारद्वाज, शशांक शर्मा, सतीश बघेल, नीरज वशिष्ठ, जेतवीर सिंह, सुमित गौतम एवं रूप किशोर वर्मा ने बताया कि गोशाला में ताला लगा था। उन्होंने ताला खुलवाया और भीतर जाकर देखा तो यहां स्थिति बदतर थी। दो गोवंश मृत पड़े थे। तेज दुर्गंध से प्रतीत हो रहा था कि इनकी कई दिन पहले मौत हो चुकी।

पार्षदों के मुताबिक वहां मिले एक कर्मचारी ने बताया कि गोवंश को मृत अवस्था में गोशाला से बाहर से लाया गया ताकि गोशाला के पीछे इनका निस्तारण किया जा सके। पार्षदों के अनुसार दलिया बनाने की कढ़ाई में जंग लगी मिली।

इससे साफ है कि गायों को खाने के लिए दलिया नहीं दिया जा रहा है। गोशाला के स्टाक रजिस्टर में केवल 280 किलो चोकर दर्ज थी जबकि स्टोर में 550 किलो चोकर पाया गया। यानी चारे की कालाबाजारी की जा रही है। उन्होंने यहां शराब, बीयर की खाली बोतलें मिलने की भी बात कही। इन सभी ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

 

*अधिकारी बोले, निराधार हैं आरोप*

 

अपर नगर आयुक्त रामजीलाल ने बताया कि पार्षदों द्वारा की गई शिकायत पूर्णत: निराधार एवं तथ्यों से परे है। गोशाला में 12 गोवंश बीमार हैं, जिन्हें अलग बाड़े में रखा गया है। एक भी गाय मृत नहीं है। दो पालियों में सफाई व्यवस्था की जाती है। वर्षा के कारण जुलाई से दलिया गोवंश को नहीं दिया जा रहा है।

वर्तमान में गोशाला में 1827 गोवंश संरक्षित हैं। समय-समय पर टीकाकरण और चिकित्सकीय परीक्षण किया जा रहा है। उधर, नगर आयुक्त शशांक चौधरी ने भी कहा कि गोवंश का उपचार चल रहा है। मरने जैसी कोई सूचना उनके पास नहीं है।

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